शहीद जबर सिंह का पार्थिव शरीर जैसे ही सहारनपुर उनके गांव पहुंचा तो हर किसी की आंखें भर आईं, खेती से जीवन यापन करने वाले गांव भैरमऊ के किसान सिताब सिंह के घर 34 वर्ष पूर्व जन्मे शहीद जबरसिंह गुर्जर की चाहत बचपन से ही देश सेवा करने की रही। अपने इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने मेहनत के बलबूते कुछ ही वर्षों में बीएसएफ में असिस्टेंट कमांडेंट का पद हासिल कर लिया था। सीमा पर देश के लिए सराहनीय कार्य करने के लिए करीब ढाई महीने पहले बीएसएफ के महानिदेशक द्वारा उन्हें मेडल व प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया था।