कड़कड़ाती ठंड में 18 कुत्तों की रोटियां सेंकना कोई आसान काम नहीं था, लेकिन मेरठ के गंगानगर की रहने वाली 25 वर्षीय पारुल को शायद ही इस बात का अंदाजा हो कि ये रोटियां ही उसकी मौत का कारण बन जाएंगी। रोटियां न बनाने की सजा उसे अपनी जिंदगी देकर चुकानी पड़ेगी। उसका अपना ही खून उसकी जान ले लेगा। सोमवार को सनकी भाई ने पारुल को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया।