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हमेशा हंसता हुआ चेहरा और हाथ मिलाने का अलग स्टाइल, केतन की याद में भर आईं दोस्त मेजर की आंखें

Wed, 19 Jun 2019 10:50 PM IST
कपिल kapil दीपक भारद्वाज, अमर उजाला, मेरठ
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मेजर केतन शर्मा का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
‘मां देख तिरंगा मेरे तन पर, कितना सुंदर खिलता है, 
ऐसा कफन मेरी मां बस, किस्मत वालों को मिलता है... 
देकर समर्पण मातृभूमि को, गर्व से मैं इठलाता हूं... 
मैं तेरा बेटा बनकर आया इस दुनिया में मां, 
लेकिन भारत मां का बेटा बनकर इस दुनिया से जाता हूं’।


अमर उजाला के संवाददाता ने जब शहीद मेजर केतन शर्मा के दोस्त मेजर आदित्य से बात की तो उन्होंने केतन के बारे में कई खास बातें बताई। अगली स्लाइडों में तस्वीरों के साथ जानिए पूरा अपडेट-
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शहीद मेजर केतन शर्मा की बेटी कैरा - फोटो : अमर उजाला
देश के लिए शहीद मेजर केतन शर्मा का मातृभूमि के लिए समर्पण का सागर इन चंद शब्दों में हिलोरे ले रहा था। शहीद केतन जब अंतिम यात्रा पर निकले तो लगा कि कह रहे हों कि मैं तो चला... अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों...।
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शहीद मेजर केतन शर्मा को अंतिम विदाई - फोटो : अमर उजाला
फूलों से सजे सैन्य वाहन में शहीद मेजर केतन शर्मा का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा था। अंतिम यात्रा जब सूरजकुंड के लिए चली तो सेना के अफसर और जवान भी भावुक हो गए। शहीद केतन को सूरजकुंड पर शस्त्रों के साथ अंतिम सैन्य सलामी दी गई।

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शहीद मेजर केतन शर्मा को अंतिम विदाई - फोटो : अमर उजाला
वहीं मां ऊषा का हाल बुरा था तो सैन्य अफसरों की आंखें भी नम थीं। पिता रविंद्र शर्मा ने इकलौते बेटे केतन को मुखाग्नि दी तो केतन के साथी मेजर अंजलि और मेजर आदित्य बोल उठे कि हमने एक बेहतर साथी खो दिया।
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शहीद मेजर को अंतिम विदाई - फोटो : अमर उजाला
मेजर आदित्य ने साझा कीं यादें
मूल रूप से शामली निवासी मेजर आदित्य गंगानगर में रह रहे हैं। केतन शर्मा के साथ ही भर्ती हुए। दोनों ने एक साथ ट्रेनिंग की। कई स्थानों पर पोस्टिंग के साथ एक साथ रहे तो दोनों ने जन्मदिन भी एक साथ मनाया।
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विलाप करती शहीद मेजर केतन शर्मा की मां - फोटो : अमर उजाला
मेजर आदित्य बताते हैं कि मेजर केतन शर्मा कई बड़े ऑपरेशन में शामिल रहे, लेकिन कभी पीछे नहीं हटे। कभी तनाव में नहीं दिखे। हमेशा हंसता हुआ चेहरा और हाथ मिलाने का अलग स्टाइल मेजर केतन की अलग से पहचान थी। चेहरे पर हमेशा रहने वाली वो मुस्कराहट तो अब बस याद बनकर रह गई है।

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