दनकौर में द्रोणाचार्य मंदिर के पास द्रोण कुंड
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द्रोण कुंड
द्रोण कुंड के बारे में प्रचलित है कि इसमें कितना भी पानी भर दो, तीसरे दिन यह खाली हो जाता है। किवदंती है कि पहले यह तालाब भरा रहता था। दुर्वासा ऋषि यहां आए। उन्होंने कुंड में स्नान किया। कुंड में उनका कमंडल बह गया। उन्होंने शाप दिया कि यह खाली रहेगा। तब से कुंड में पानी नहीं रहता।