देशी शराब की लूट
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देशी शराब की सरकारी स्तर पर जो दुकानें आवंटित होती हैं, उसमें कोटा निर्धारित होता है। किसी दुकान का 100 पव्वा प्रतिदिन है तो किसी दुकान का 3000 पव्वा तक का कोटा है। यह कोटा साल के पूरे 365 दिन के हिसाब से तय होता है। शराब बिके या न बिके, लेकिन दुकानदार को अपना कोटा खरीदना ही होता है। यदि दुकान संचालक तय कोटे से कम शराब खरीदता है तो एक तरफ जहां उसकी सिक्योरिटी जब्त हो जाती है।