गांव और अपनों की बात होती है तो मोनी की आंखें बरसने लगती हैं। उन आंखों में अपनी मिट्टी से दूर होने की टीस साफ दिखती है। सिल्लू घरवालों से मिलने गांव चला जाता है लेकिन मोनी वहां कदम भी नहीं रख सकती। उसके जाते ही बवाल हो जाता है।
सारी बंदिशें उसी के लिए हैं। वह गांव जाएगी तो वहां की लड़कियों को अपनी तरह बिगाड़ देगी। गांव वालों की यही सोच है जिसके आगे मोनी विवश है। बेबस युवती कहती है, कोई किसी को नहीं बिगाड़ सकता। बस, लोग नाम दे देते हैं। उन्हें लगता है, मेरे जाने से गांव का माहौल खराब हो जाएगा। इसलिए पांच साल में चाहकर भी दो किमी की दूरी तय नहीं कर पाई। सिल्लू और मोनी गांव लौटना चाहते हैं पर पंचायत के फैसले के आगे बेबस हैं।
मुजफ्फरनगर के अब्दुलपुर गांव, पुरकाजी निवासी मोनी और सिल्लू ने पांच साल पहले गांव से भागकर शादी की थी। दोनों अनुसूचित जाति से हैं। लड़के के परिजन मोनी को घर में रखने को तैयार थे पर गांव ने साफ मना कर दिया। तब से दोनों भौजाहेड़ी में रह रहे हैं। उनका चार महीने का बेटा भी है। अब तक चार बार घर बदल चुके हैं। सिल्लू मजदूरी करता है।
भौजाहेड़ी से अब्दुलपुर की दूरी करीब दो किमी है। अब्दुलपुर में हुई पंचायत ने मोनी के परिवार को धमकी दे रखी है। अगर वह आई तो उन्हें भी गांव छोड़ना पड़ेगा। मोनी के मायके वालों ने उसे गांव में आने से साफ मना कर दिया। शुरू में एक बार मोनी चली गई तो वहां लड़ाई हो गई। तब से उसने मायके में कदम नहीं रखा। उसके घर में चाचा, ताऊ और भाई हैं। सिल्लू और मोनी के घर आमने-सामने हैं।
...नहीं तो जान से मार देंगे
सेठपुरा, पुरकाजी के रजत और मोहिनी ने 29 अक्टूबर 2019 को पुलिस से सुरक्षा मांगी थी। दोनों ने 13 अक्टूबर को प्रेम विवाह किया था। मोहिनी रजत की रिश्तेदारी में है। उसके घरवालों ने सेठपुरा आकर रजत के परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
उसके बाद रजत और उसके परिवार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। रजत ने बताया, पापा को पुलिस उठाकर ले गई। वह एक रात थाने में रहे। अगले दिन हम दोनों कोर्ट में पेश हो गए। मोहिनी ने बयान दे दिए। अब हमें कोई डर नहीं है। हम बाहर रहते हैं।
सीकरी गांव के प्रदीप और मोनिका ने 2017 में गांव से भागकर शादी की थी। दोनों बाहर रहते हैं। दो साल बीत गए पर गांव का माहौल अभी भी गर्माया हुआ है। प्रदीप लड़की के घर से बातचीत करके लौट रहे थे तभी लड़की के घरवालों ने घेर लिया। घर की महिला सदस्यों ने साफ कहा, लड़की यहां नहीं आनी चाहिए। अगर ऐसा हुआ तो मेरे बेटों का नाश हो जाएगा। वे उसे मार डालेंगे।
दो साल से प्रदीप और मोनिका गांव नहीं लौटे। प्रदीप कहता है, सारी चीजें खत्म हो गईं। लड़की के घरवालों ने मेरे खिलाफ रिपोर्ट की थी। मैं हाईकोर्ट से स्टे ले आया। मोनिका ने मेरे पक्ष में बयान दिए। तब से हमें किसी ने परेशान नहीं किया। मैं गांव जाने को कहता हूं पर मोनिका डरती है।