पुलिस-प्रशासन के सभी आलाअधिकारी मीट फैक्ट्रियों में बुलेट प्रुफ जैकेट पहनकर छापामारी करने पहुंचे। अब इसे दहशत कही जाए या कुछ और लेकिन मीट फैक्ट्रियों में छापेमारी करने से पहले पुलिस अधिकारियों ने जबरदस्त होमवर्क किया। अपनी सुरक्षा का भी पूरा इंतजाम तैयार किया।
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मीट प्लांट सील करने पहुंचे अधिकारी
मीट फैक्ट्री में पहले सरकारी टीमों का जबरदस्त विरोध होता रहा है। यहां तक कि अल्लीपुर स्थित एक मीट फैक्ट्री में तो एमडीए की टीम को बंधक बना लिया गया था। इस बार छापेमारी से पहले पुलिस प्रशासन ने जबरदस्त तैयारी की।
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मीट प्लांट
फैक्ट्रियों में पीएसी तैनात की गई एंबुलेंस फायर ब्रिगेड एमडीए नगर निगम पावर कारपोरेशन श्रम विभाग समेत प्रदूषण नियंत्रण विभाग जैसी सभी टीम में मौजूद रही।
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मीट प्लांट
यूपी में भाजपा की सरकार से पहले मेरठ में हर दिन चार हजार से ज्यादा पशुओं का कटान किया जाता था। लेकिन जब से योगी सरकार आई है शहर में हड़कंप मचा हुआ है और पशुओं के कटान पर लगाम लग गई है।
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मीट प्लांट
भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में यांत्रिक कत्लखानों की बंदी को प्राथमिकता में रखा था। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के शपथ लेते ही सरकारी मशीनरी हरकत में आ गई। पहले दिन बड़ी सख्ती से फैक्ट्रियों में कटान के लिए कम पशु पहुंचे। स्थानीय आपूर्ति लगभग बंद हो गई।
शासन से मंगलवार को और बड़ी कार्रवाई के निर्देशों पर सभी बूचड़खानों को चिह्नित करना शुरू कर दिया गया। प्रशासनिक टीमें छापेमारी के साथ ध्वस्तीकरण भी करेगी। संभावना किसी भी दिन कई बूचडखानों पर बुलडोजर चलने की है।