फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आखिर कौन है हाजी इकबाल, जो लंबे समय से सीबीआई के रडार पर, खनन माफिया के नाम से है बदनाम

Tue, 01 Oct 2019 12:23 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
विज्ञापन
1 of 6
पूर्व बसपा एमएलसी हाजी मोहम्मद इकबाल का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
सीबीआई की टीम ने मंगलवार को बसपा के पूर्व एमएलसी हाजी मोहम्मद इकबाल के कई ठिकानों पर छापेमारी की। इससे पहले भी सीबीआई इकबाल के ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। आइए जानते हैं कि आखिर हाजी इकबाल है कौन-
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 6
सहारनपुर
हाजी इकबाल यूपी के सहारनपुर का रहने वाला है। इकबाल पूर्व में बसपा पार्टी से एमएलसी रह चुका है। इतना नहीं नहीं बल्कि इकबाल का सहारनपुर में एक कॉलेज भी है। वह कॉलेज भी इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है।

यह भी पढ़ें: सहारनपुर: पूर्व बसपा एमएलसी व खनन माफिया इकबाल के आवास पर सीबीआई का छापा
विज्ञापन

3 of 6
सीबीआई ने छापेमारी की - फोटो : अमर उजाला
पुलिस के अनुसार पूर्व एमएलसी हाजी मोहम्मद इकबाल एक बड़ा खनन माफिया है। पुलिस समय- समय पर उसके खिलाफ कार्रवाई करती रहती है। यहां तक की सीबीआई भी कई बार उसके ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। अभी हाल ही में इकबाल के संबंधित 4.26 करोड़ से जुड़ा मामला भी सामने आया था। आगे जानिए क्या-

4 of 6
सीबीआई ने छापेमारी की - फोटो : अमर उजाला
बसपा के पूर्व एमएलसी मोहम्मद इकबाल, दो पूर्व खान अधिकारी और खनिज विभाग कार्यालय के लिपिक के खिलाफ सदर बाजार कोतवाली में धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की न्यायालय के आदेश पर दर्ज रिपोर्ट में आरोप है कि अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाने पर पूर्व प्रधान को खनन माफिया बताकर 4.26 करोड़ रुपये के नोटिस जारी किए और भूमि कुर्क करने का आदेश कराया गया।

यह रिपोर्ट बेहट तहसील क्षेत्र के गांव असलमपुर बरथा के पूर्व प्रधान रणवीर सिंह की तरफ से 2017 में न्यायालय में 156(3) के तहत डाले गए प्रार्थना पत्र पर हुए आदेश के आधार पर हुई थी। उसमें रणवीर सिंह ने बताया कि खनिज विभाग की तरफ से 2012, 2014 में एक और 2015 में दो नोटिस उनके खिलाफ जारी किए, जो अवैध खनन का आरोप लगाते हुए राजस्व हानि के रूप में करीब 4.26 करोड़ रुपये की रिकवरी के थे। इसके अलावा उनकी भूमि कुर्क करने का आदेश भी कराया गया, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली, जिस पर नोटिस निरस्त कर दिए गए थे। इकबाल के खिलाफ हाल ही दर्ज हुए दो और मुदकमे, जानने के लिए आगे पढ़ें-
विज्ञापन

5 of 6
कार्रवाई के दौरान सीबीआई की टीम - फोटो : अमर उजाला
केस- 1 
किरन मनचंदा पत्नी स्वर्गीय सुनील मनचंदा निवासी सेक्टर 65 गुरुग्राम (हरियाणा) ने मिर्जापुर थाने में वाहिद, रविंद्र, मोहम्मद इकबाल और चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अमानत में खयानत, बंधक बनाने, लूट, गाली गलौज और धमकी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसमें किरन मनचंदा ने बताया था कि उनके पति सुनील मनचंदा की फर्म को जनवरी 2013 में द ग्लोकल यूनिवर्सिटी से निर्माण कार्य के संबंध में परचेज ऑर्डर मिला था।

इसके बाद 14 फरवरी 2013 को माल डलवाया और कार्य शुरू करा दिया। इसके लिए 20 लाख रुपये एडवांस मिले थे। वर्क ऑर्डर 5,61,99,261 रुपये का था। कार्य करने के दौरान ही उन्हें 53,10,000 रुपये और मिले। 30 मार्च तक कार्य किया, जिसके बाबत 5,45,18,550 रुपये का बिल बना, जबकि उन्हें कुल भुगतान 73 लाख 10 हजार रुपये का मिला। इसके बाद उन्होंने मोहम्मद इकबाल से भुगतान की मांग की, तो कहा गया कि कार्य पूरा करो, तब पेमेंट मिलेगा। बाजार की देनदारी और मजदूरों का भुगतान न होने से कार्य रुक गया। इसके बाद उनके पति सुनील मनचंदा भुगतान की मांग करने ग्लोकल यूनिवर्सिटी पहुंचे। आरोप है कि वहां मिले वाहिद और रविंद्र ने बिल की फाइल छीन ली और चार लोगों को बुलाकर रिवाल्वर तानकर सुनील मनचंदा को बंधक बनाया और जान से मारने की धमकी दी।

इसके बाद मिन्नत करने पर सुनील मनचंदा घर भेजा गया, लेकिन दहशत और बाजार की देनदारी की वजह से उनकी तबीयत खराब रहने लगी। 2016 में सुनील मनचंदा को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। तब किरन मनचंदा अपनी मां को साथ लेकर मोहम्मद इकबाल के पास गई और बकाया भुगतान की मांग की, तो मोहम्मद इकबाल ने कह दिया कि जब तुम्हारे पति की तबीयत ठीक हो जाए, तब पति को साथ लेकर आना। इसके बाद 2017 में फिर से पति की तबीयत खराब हुई और आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा, तो किरन मनचंदा फिर से भुगतान के लिए ग्लोकल यूनिवर्सिटी पहुंची। आरोप है कि तब मोहम्मद इकबाल ने गाली गलौज की और धक्का देकर गिरा गिया, जिससे उनके कपड़े भी फट गए। उन्हें बेइज्जत करके भगा दिया। इसके बाद अगस्त 2017 में उनके पति की मृत्यु हो गई। किरन मनचंदा की तहरीर पर 27 जुलाई 2019 को मिर्जापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
यूपी पुलिस
केस- 2 
बेहट तहसील के गांव शफीपुर निवासी सविता पत्नी मेघराज ने मोहम्मद इकबाल, वाजिद, जावेद और अलीशान के खिलाफ धोखाधड़ी से जमीन का बैनामा कराने और धमकी देने के आरोप में मिर्जापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसमें सविता ने बताया था कि वर्ष 2011 में मोहम्मद इकबाल चार लोगों के साथ उसके घर पहुंचे और कहा कि दिल्ली यमुनोत्री मेन रोड वाली तुम्हारी पांच बीघा (कच्चा) जमीन हमें चाहिए। करीब 19 लाख रुपये में सौदा हुआ। आरोप है कि दो दिन बाद उसे, उसके पति और भाई को अपने साथ कार से बेहट तहसील ले गए। वहां कागजों पर अंगूठे लगवाने और भुगतान देकर उन्हें घर भेज दिया। बेची गई पांच बीघा जमीन से अलग करीब 44 बीघा जमीन पर सविता का परिवार खेती करता रहा। 

आरोप है कि करीब एक साल पूर्व ही मोहम्मद इकबाल, वाजिद, जावेद और अलीशान ने आकर कहा कि यह पूरी जमीन हमारी है, इसका बैनामा भी हमारे पास है। आरोप है कि गाली गलौज कर धमकी देकर आरोपियों ने उनको खेत से भगा दिया। सविता के परिवार ने तहसील से जानकारी कराई, तो पता चला कि पांच बीघा की जगह 37 बीघा जमीन का बैनामा धोखाधड़ी से वाजिद व इनके भाई की कंपनी के नाम करा लिया और हमारी पूरी 49 बीघा जमीन पर तारबाड़ कर कब्जा कर लिया। सविता की तहरीर पर मिर्जापुर थाना पुलिस ने मोहम्मद इकबाल, वाजिद, जावेद और अलीशान के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें