मूल रूप से बुलंदशहर के लुहारली गांव निवासी क्रिकेटर भुवनेश्वर कुमार के पिता किरनपाल पाल सिंह हमेशा सादा जीवन व्यतीत करते थे। वह भुवनेश्वर से अक्सर कहते थे, बेटा तू कहीं भी रहे, मेरा तो मेरठ में ही मन लगता है। इसी कारण वह अपने अंतिम समय तक मेरठ में ही रहे और अपने आवास पर अंतिम सांस ली।
भुवी के करीबी दोस्त मनोज ठाकुर ने बताया कि भुवनेश्वर के पिता पुलिस विभाग में थे। उन्होंने रिटायरमेंट से चार साल पहले 2014 में ही वीआरएस ले लिया था। वह मेरठ, गाजियाबाद, बागपत और मुजफ्फरनगर में तैनात रहे। कुछ दिन पुलिस लाइन के सरकारी क्वार्टर में रहने के बाद उन्होंने गंगानगर सी-पॉकेट में घर बनाया। वह अपने गांव से भी जुड़े थे। कई महीनों पहले उन्हें लिवर कैंसर ने चपेट में ले लिया था। भुवनेश्वर ने डॉक्टरों से सलाह लेकर उन्हें इंग्लैंड ले जाने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं गए। कहा मुझे अपने देश में ही इलाज कराना है। वहीं भुवनेश्वर कुमार जल्द पिता बनने वाले हैं। दादा बनने की खुशी में किरनपाल सिंह भी उत्साहित थे।