पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी के सिर पर भले ही 50 हजार का इनाम था, लेकिन उनका रुतबा कम नहीं था। दिल्ली में आलीशान कोठी में परिवार सहित फरारी काट रहे थे। किसी तरह मेरठ पुलिस उनके पास तक पहुंची, लेकिन उनके रुतबे के सामने कमजोर दिखती रही। दिल्ली से मेरठ सलाखों तक याकूब को वीआईपी सुविधा दी और पुलिसकर्मी उनके साथ सेल्फी लेते रहे।
करीब 10 घंटे पुलिस कस्टड़ी में रहने के दौरान कहीं ऐसा नहीं लगा कि यह वही 50 हजारी याकूब कुरैशी है, जिसकी तलाश में पुलिस और एसटीएफ नौ महीने से दबिश दे रही थी। बताया गया कि याकूब और बेटा इमरान कुरैशी ने नौ महीने से एक साथ फरारी काटी। हर जगह पर याकूब की पत्नी संजीदा बेगम, इमरान की पत्नी और उनके बच्चे भी साथ में रहते थे।
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याकूब से मिलने पहुंचे समर्थक।
- फोटो : amar ujala
दिल्ली हो या मुंबई, उनको वह आलीशान कोठियों में रुके हैं। दोनों की गिरफ्तार करने में पुलिस टीम को करीब 1.30 घंटा लगा। वहीं याकूब को पुलिस ने दवाई भी दिलवाई। मेरठ तक याकूब के साथ उनके समर्थक, रिश्तेदारों आठ गाड़ियों से मेरठ आए।
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हाजी याकूब कुरैशी व बेटा इमरान
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस भी बड़ी तहजीब से पिता-पुत्र को खरखौदा थाने लाई, फिर सुबह दस बजे उनको कोर्ट में लेकर पहुंची। इस दौरान सादी वर्दी में पुलिस वाले याकूब की खातिरदारी में लगे रहे। पुलिस वालों के याकूब-इमरान के साथ कई फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। पुलिस याकूब के रुतबे के सामने नमस्तक दिखाई दे रही है।
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हाजी याकूब कुरैशी व बेटा इमरान
- फोटो : अमर उजाला
मैं याकूब नहीं हूं, मैं तो अय्यूब हूं
शुक्रवार रात करीब 1:00 बजे एसओजी के दो सिपाही कोठी में अंदर घुसे। उनको याकूब कुरैशी दिखाई पड़े। याकूब को सिपाहियों ने रोक लिया। वह बोले, मैं याकूब नहीं हूं... मैं तो अय्यूब हूं। यह कहकर याकूब अपने कमरे में चले गए। कोठी में उनके एशोआराम देखकर पुलिस दंग रह गई। सिपाहियों ने इमरान का गेट खुलवाया तो वह बोले कि क्या आप वाई-फाई ठीक करने आए हो। सिपाही बोले, नहीं मेरठ से आए है और पुलिस वाले हैं। यह कहते ही इमरान ने कहा कि हम तो सर्दी के बाद खुद सरेंडर होने जा रहे थे।
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हाजी याकूब कुरैशी व बेटा इमरान
- फोटो : अमर उजाला
वहीं इमरान के यह कहते ही पुलिस वाले बोले, चलो और मंत्रीजी को भी साथ ले लें। इमरान ने कहा कि मंत्री जी यहां नहीं है, सिपाही बोले कि हमसे झूठ मत बोलों, उनको देख लिया है। दोनों में बातचीत का सिलसिला चल रहा था। याकूब ने अंदर से अपने कमरे की कुंडी लगा ली। इमरान की पत्नी व बच्चे चिल्लाने लगे। हल्ला मचा तो कोठी में काम करने वाले नौकर भी पहुंचे।
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हाजी याकूब कुरैशी व बेटा इमरान
- फोटो : अमर उजाला
अब्बू दरवाजा खोल दो... अब चलना पड़ेगा
इमरान ने पिता याकूब के कमरे का दरवाजा खटखटाया और कहां कि अब्बू बाहर आ जाओ। अब चलना पड़ेगा। इतना कहते ही याकूब ने दरवाजा खोल दिया और वह सर्दी वाले कपड़े पहनने लगे। इमरान ने पुलिस से कहा कि अब्बू को रहने दो, मैं चलने को तैयार हूं। पुलिस वाले बोले, नहीं ऐसा नहीं होगा। दोनों को चलना पड़ेगा। पैसे की पेशकस भी हुई, लेकिन पुलिस वाले नहीं माने।
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हाजी याकूब कुरैशी व बेटा इमरान
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान बातचीत चलती रही और याकूब के समर्थक व रिश्तेदारों की भीड़ कोठी पर लगती रही। पुलिस वालों ने भी चांदनी महल थाने से पुलिस फोर्स को बुला लिया। करीब डेढ़ घंटा याकूब और इमरान को समझाने में पुलिसवाले लग रहे। इसी दौरान इमरान की पत्नी और बच्चों ने काफी हंगामा भी किया।
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Haji yaqub and son Imran
- फोटो : Amar ujala
राजनीति के तहत फंसाया... कानून पर भरोसा
पुलिस के मुताबिक, याकूब ने कहा कि 2019 का लोकसभा का चुनाव लड़ना महंगा पड़ा है। राजनीति के तहत मुझे और मेरे परिवार के खिलाफ साजिशन मुकदमा दर्ज कराया गया है। मीट फैक्टरी में मुझे गए कई महीने हो गए थे। अब मेरा फैक्टरी से कोई लेना देना नहीं है। मेरी पत्नी को भी नामजद कराया है। कुछ लोग हमारे परिवार के पीछे पड़े है। छह महीने तक मेरी अर्जी पर सुनवाई नहीं हुई है। मेरा काफी नुकसान हो गया है। मुझे कानून पर भरोसा है, न्याय मिलेगा।
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Meerut police
- फोटो : Amar ujala
याकूब को 11 जनवरी का था इंतजार
पुलिस के मुताबिक, इमरान ने बताया कि 11 जनवरी को अग्रिम जमानत पर सुनवाई कोर्ट में होनी तय थी। जिसमें उनको भरोसा था कि कोर्ट से राहत मिल सकती है। कुछ लोगों ने भरोसा दिलाया हुआ था कि 11 जनवरी तक पुलिस से बच जाओ, बस काम हो जाएगा। अन्यथा हम पिता-पुत्र खुद कोर्ट में सरेंडर होने जा रहे थे। फिरोज को पहले कोर्ट में सरेंडर कराया गया था।
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Haji yaqub and son Imran
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नेपाली से दोस्ती कर कोठी में घुसी पुलिस
दिल्ली में पुलिस ने 22 दिसंबर से डेरा डाला हुआ था। चांदनी महल थाने के पास याकूब और इमरान रहे रहे हैं, इसकी जानकारी लगने पर पुलिस ने कोठी में काम करने वाले नेपाली नौकर से दोस्ती कर ली। उसको दस हजार रुपये का लालच दिया था। शुक्रवार रात नेपाली नौकर ने सादी वर्दी में दो पुलिसकर्मियों को कोठी में अंदर घुसा लिया। जिसके बाद अन्य पुलिसकर्मी भी वहां पर पहुंचे।
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याकूब कुरैशी और बेटा इमरान
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गिरफ्तारी या सेटिंग
याकूब और इमरान की पुलिस ने गिरफ्तारी की या फिर उनको सेटिंग से पकड़ा है। बता दें कि मेरठ से सिर्फ एक दरोगा और चार सिपाही ही दिल्ली गए हुए थे। जिन्होंने पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। इसको लेकर पुलिस विभाग में भी अलग-अलग चर्चा है। याकूब और इमरान के चेहरे पर गिरफ्तारी की कोई भी सिकन नहीं थी।
इमरान पहली बार जेल गया
याकूब का पुलिस और जेल से पुराना नाता है। करीब 20 साल पहले याकूब कुरैशी व पूर्व सांसद शाहिद अखलाक के बीच नगर निगम में ठेकेदारी को लेकर विवाद हुआ था। गोलीबारी में एक युवक की हत्या भी हुई थी। जिसमें याकूब जेल गए थे। हालांकि बाद में याकूब को क्लीनचिट मिल गई थी। लेकिन इमरान पहली बार ही जेल में गया है। पिता-पुत्र के जेल जाने के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।