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कठुआ केस: विशाल जंगोत्रा की बेगुनाही साबित करने में महिला ने निभाई अहम भूमिका, पढ़ें कब क्या हुआ

Tue, 11 Jun 2019 12:58 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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विशाल जंगोत्रा व मकानमालकिन सुमन - फोटो : अमर उजाला
कठुआ कांड में पठानकोट की विशेष अदालत द्वारा छात्र विशाल जंगोत्रा को बरी किए जाने पर मीरापुर निवासी उसकी मकान मालकिन सुमन शर्मा ने कोर्ट के निर्णय को सही ठहराया है। वहीं आरोपी छात्र की बेगुनाही साबित होने के बाद चौधरी चरणसिंह यूनिवर्सिटी भी दागदार होने से बच गई। आगे देखें आखिर क्या बड़े कारण रहे कि कोर्ट में विशाल जंगोत्रा बेगुनाह साबित हुआ: -

 
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विशाल जंगोत्रा का कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
कठुआ दुष्कर्म मामले में विशाल जंगोत्रा पर जम्मू एसआईटी आरोप सबित नहीं कर पाई और इसमें मुख्य भूमिका निभाई विशाल की मकानमालिक सुमन ने जिनके यहां पर वह किराए पर रह रहा था। सुमन का कहना है कि वह पहले से ही कह रही थी कि वह निर्दोष था। उसे एसआइटी ने केस में झूठा फंसाया है।

उसने जो फोटो कोर्ट में पेश किए, उन्हें एसआईटी वाले उसके मोबाइल से डिलीट कर चुके थे, मगर व्हाट्सअप की गैलरी में एक फोटो मिल गया, जो कोर्ट में पेश किया। साथ ही उन बैंकों के फुटेज भी कोर्ट में दी, जहां पर विशाल रुपये निकालने के लिए एटीएम में गया था।
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यहां विशाल जंगोत्रा ने दी थीं परीक्षा - फोटो : अमर उजाला
पुरानी सब्जी मंडी निवासी सुमन शर्मा विद्यार्थियों को कमरे किराए पर देती है, इसी से ही वह परिवार का भरण पोषण करती है। सुमन ने बताया कि वर्ष 2017 में आकांक्षा कॉलेज में बीएससी कृषि प्रथम वर्ष में एडमिशन के बाद विशाल अपने दोस्तों के साथ यहां आया था। उसने ऊपर कमरा किराये पर लिया था। कठुआ की घटना के दौरान 10 जनवरी से 16 जनवरी तक विशाल यहां पर था। इस दौरान उसने खतौली में केके जैन डिग्री कॉलेज में परीक्षा भी दी थी।

इस अवधि में 13 जनवरी को लोहड़ी पर्व तथा 14 जनवरी को मेरा और 16 जनवरी 2018 को पौत्री आस्था का जन्मदिन मनाया गया। इन समारोहों में विशाल शामिल रहा, जिसके  फोटो मेरे मोबाइल फोन में थे। कठुआ कांड के बाद 17 मार्च 2018  को जम्मू एसआईटी उसे यहां गिरफ्तार करने पहुंची थी। विशाल को पकड़ने पर उसने उसे निर्दोष बताते हुए मोबाइल फोन की फोटो एसआईटी के इंस्पेक्टर अशफाक बानी को दिखाए थे, जिस पर उसने मोबाइल लेकर फोटो डिलीट कर दिए थे, मगर एक फोटो व्हाट्सअप की गैलरी में बच गया था। 

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विशाल जंगोत्रा की मकानमालकिन सुमन - फोटो : अमर उजाला
सुमन का कहना है कि एसआईटी वाले उसका बयान उर्दू में लिख कर ले गए थे। साथ ही जब भी एसआईटी वाले आए, तो उन्होंने धमकी दी थी कि वह बयान देने के लिए कोर्ट में नहीं आए। इसी बीच एक टीवी चैनल की पत्रकार ने सुमन से संपर्क किया। सुमन ने उसे बताया कि घटना की अवधि के दौरान कमरे का किराया देने के लिए विशाल मीरापुर के एसबीआई और कारपोरेशन बैंक के एटीएम से रुपये निकालने गया था।

इसके बाद बैंक से उसकी फुटेज निकलवाई गई। कोर्ट से समन आने पर सुमन शर्मा पिछले माह बयान देने पठानकोट गई। वहां 13 और 14 मई को उसने कोर्ट के समक्ष अपने बयान दिए तथा मोबाइल की फोटो और बैंक की फुटेज भी कोर्ट में प्रस्तुत की। उसके बयान की वीडियोग्राफी कराई गई। सुमन के बयान और प्रस्तुत किए गए साक्ष्य भी विशाल की बेगुनाही में अहम रहे।
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यहां रहता था विशाल - फोटो : अमर उजाला
एसआईटी ने कालेज में साक्ष्य जुटाने को घंटों जांच की थी
जम्मू के कठुआ कांड में गिरफ्तार किए गए छात्र विशाल जंगोत्रा द्वारा खतौली में खुद परीक्षा देने या न देने को लेकर एसआईटी टीम ने कालेज में पहुंचकर दो दिन तक जांच की थी। परीक्षाएं विशाल ने दी या किसी डमी छात्र से दिलवाई गई, इसके लिए टीम द्वारा उस कक्ष नंबर 6 को भी खुलवाकर जांच की थी। उस कक्ष में सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था। कालेज में निगरानी को लगे 11 सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को चेक किया गया।
एसआईटी टीम ने चार बार कालेज में जांच पड़ताल करके साक्ष्य जुटाए और उपस्थिति पंजिका को भी अपने साथ ले गई थी। केके जैन डिग्री कालेज में 10 जनवरी 2018, व 12, 15, 17, 19, 24, 27, 29 व 30 जनवरी को विशाल जंगोत्रा ने परीक्षाएं दीं। एसआईटी टीम ने परीक्षाओं के दौरान तत्कालीन प्राचार्य डा. अरविंद कुमार के अलावा कक्ष निरीक्षकों से भी पूछताछ की थी। 
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विशाल जंगोत्रा - फोटो : अमर उजाला
फर्जी बयान के लिए बनाया गया दबाव 
कठुआ हत्याकांड में कोर्ट का फैसला आने के बाद मीरापुर के आकांक्षा कॉलेज के चेयरमैन आरपी सिंह ने बताया कि विशाल को फर्जी तरीके से फंसाने के लिए एसआईटी ने संस्थान प्रबंधन को कई बार दबाव में लिया। उन्हें भी केस में पठानकोट कोर्ट से दो बार अंतरिम बेल करानी पड़ी।

तत्कालीन प्राचार्य मंजीत सिंह से एसआईटी ने बंद कमरे में तीन-तीन घंटे पूछताछ की। विशाल ने परीक्षा के दौरान आकांक्षा कॉलेज में ही 14 जनवरी को प्रयोगात्मक परीक्षा भी दी थी। घटना के बाद जम्मू के तीन अन्य छात्र सचिन शर्मा, नीरज और साहिल शर्मा भी खौफ में जम्मू चले गए थे। कहा कि विशाल यदि आगे बीएससी कृषि की पढ़ाई करना चाहेगा, तो वह उसे एडमिशन देंगे। 
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