आज जहां कुछ घटनाओं के कारण वैवाहिक रिश्तों की पवित्रता डगमगाई है, वहीं मेरठ से त्याग और अटूट प्रेम की ऐसी अद्भुत मिसालें सामने आई हैं जो दांपत्य जीवन के गौरव को बढ़ाती हैं। एक तरफ जहां मुस्कान और रविता जैसी चंद महिलाओं ने अपने प्रेमियों के साथ मिलकर पतियों की बेरहमी से हत्या कर दी और अदालत से फांसी की सजा पा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ मेरठ में ऐसी समर्पित और साहसी पत्नियों की कोई कमी नहीं है जो हर कदम पर अपने जीवनसाथी का संबल बनी हुई हैं।
करवाचौथ पर जहां महिलाएं पतियों की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं, वहीं मेरठ की इन महिलाओं ने केवल व्रत तक खुद को सीमित नहीं रखा। जब उनके सुहाग की जिंदगी पर बन आई, तब इन जीवनसंगिनियों ने अपनी परवाह किए बिना अपनी किडनी और लिवर दान कर दिया। उन्होंने अपने अंगों से पतियों को मौत के मुंह से खींचकर नया जीवनदान दिया है।