Meerut Kapsad Case: मेरठ के सरधना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में अनुसूचित युवती के अपहरण व मां की हत्या मामले में पीड़ित परिवार ने प्रशासन पर नजरबंद रखने और सुनवाई न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने आरोपों को निराधार बताया।
मेरठ के सरधना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में अनुसूचित युवती के अपहरण के दौरान हुई महिला की हत्या मामले में पीड़ित परिवार ने प्रशासन पर नजरबंद रखने और सुनवाई न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने आरोपों को निराधार बताया।
पीड़ित परिवार का फूटा गुस्सा
सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में अनुसूचित जाति की युवती के अपहरण के दौरान उसकी मां सुनीता की हत्या के मामले में अब पीड़ित परिवार ने शासन-प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। मीडिया से बातचीत में मृतका के पति सतेंद्र ने कहा कि उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है और अनुसूचित जाति से होने के कारण उन्हें न्याय से वंचित किया जा रहा है।
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कपसाड़ मामला
- फोटो : अमर उजाला
सुरक्षा के नाम पर 'नजरबंदी' का आरोप
सुनीता के पुत्र नरसी ने आरोप लगाया कि परिवार को चौबीसों घंटे पुलिस पहरे में रखा जा रहा है। न किसी रिश्तेदार से मिलने दिया जा रहा है और न ही कहीं आने-जाने की अनुमति मिल रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रशासन उनके फोन तक टैप करवा रहा है।
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कपसाड़ में तैनात पुलिस बल
- फोटो : अमर उजाला
अपहरण का विरोध बना हत्या की वजह
बताया गया कि आठ जनवरी को गांव के ही युवक पारस सोम ने अनुसूचित जाति की युवती का अपहरण किया था। विरोध करने पर आरोपी ने उसकी मां सुनीता पर धारदार हथियार से हमला कर दिया था, जिससे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
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कपसाड़ में तैनात पुलिस बल
- फोटो : अमर उजाला
राजनीति में भी गूंजा मामला
घटना के बाद मामला प्रदेश स्तर तक पहुंच गया था। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, बसपा सुप्रीमो मायावती और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी योगी सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था और बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक लगा दी गई थी।
पुलिस बोली-आरोप बेबुनियाद
पूरे मामले में सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने कहा कि पीड़ित परिवार को शासन के निर्देश पर सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। उनके आने-जाने पर कोई रोक नहीं है। परिवार द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और उन्हें समझाने का प्रयास किया जाएगा।