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कन्या पूजन कर आज होगी पूर्ण होगी कांवड़ यात्रा, घरवालों को करना पड़ता है इन नियमों को पालन

Tue, 30 Jul 2019 11:55 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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कांवड़ यात्रा 2019 - फोटो : अमर उजाला
श्रद्धा और आस्था के साथ नियमों का पालन करने पर ही कांवड़ यात्रा पूर्ण मानी जाती है। यात्रा मार्ग पर कांवड़िये नियमों का पालन करते हैं तो घर में महिलाएं भी उस व्रत का पूर्णत: पालन करती है। 

 
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kawad yatra 2019 - फोटो : अमर उजाला
सोमवार को यात्रा खत्म कर सैकड़ों कांवड़िये औघड़नाथ मंदिर पहुंचे और जलाभिषेक किया। इस दौरान मंदिर पहुंचे उनके परिजनों ने उनका स्वागत किया। हालांकि मंगलवार को शिवरात्रि के अवसर पर सभी कांवड़िये जलाभिषेक के बाद कन्या पूजन करेंगे। इसके बाद ही उनकी यात्रा पूर्ण होगी।

 
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कांवड़ यात्रा 2019 - फोटो : अमर उजाला
सोमवार को औघड़नाथ मंदिर पहुंची मोहकमपुर निवासी संतोष ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान नियमों का पालन करना बहुत जरूरी होता है। कांवड़ियों के साथ परिजनों को भी नियमों का पालन करना चाहिए। वहीं पूजा ने बताया कि परिवार का कोई सदस्य अगर जल लेने जाता है तो घर में सभी नियमों का पालन किया जाता है। इस दौरान घर में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाता है। 

 

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कांवड़ यात्रा 2019 - फोटो : अमर उजाला
न्यू सैनिक विहार निवासी अनु ने बताया कि कांवड़ यात्रा के नियम सीधे कांवड़िये के हितों के लिए निभाए जाते हैं। अगर घर में कोई परिजन गलती करता है तो उसके प्रभाव स्वरूप कांवड़िये को कष्टों का सामना करना पड़ता है। 
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कांवड़ यात्रा 2019 - फोटो : अमर उजाला
मुलतान नगर निवासी प्रियंका ने बताया कि  घर में कांवड़ यात्रा के दौरान भजन पूजा आदि नियमित रुप से किया जाता है। नई बस्ती निवासी नीतू ने बताया कि कांवड़ यात्रा के बाद जलाभिषेक कर घर लौटे कांवड़ियों की यात्रा कन्या पूजन कर पूर्ण होती है। घर में कन्याओं को भोजन कराया जाता है। 

 
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कांवड़ यात्रा 2019 - फोटो : अमर उजाला
घर में इन नियमों का किया पालन
- घर में बनाए भोजन में छौंक नहीं लगाया जाता।
- ठंडे तेल में ही मसाले डाले जाते हैं।
- स्नान आदि कर नियमित रुप से मंदिर जाना होता है।
- जमीन पर ही सोती हैं महिलाएं।
- कुत्ते को रोटी, पक्षियों को डाला जाता है दाना।
- गरम तवे पर रोटी नहीं डाली जाती।
- साबुन आदि का प्रयोग भी वर्जित होता है।
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