पांव में छाले, धूप और छांव के बीच कांवड़िया अपने शिवालयों की तरफ कदम से कदम से मिलाकर भोले का नाम जपते बढ़ रहे हैं। शिवालय और कांवड़ सेवा शिविर में बजाए जा रहे भोले के भजन कांवड़ियों के साथ हर किसी को उत्साहित कर रहे हैं। हाईवे पर केसरिया सैलाब उमड़ पड़ा है।
शाम ढलते ही पूरा शहर झांकियों में तबदील हो जाता है। दिल्ली, गाजियाबाद की विशाल झांकी कांवड़ सभी को आकर्षित कर रही हैं। भगवान शिव की विशाल प्रतिमा वाली कांवड़, तिरंगा झंडा कांवड़, मार्बल का श्रीराम मंदिर, भगवान शिव का विराट स्वरूप, भगवान गणेश, शिव परिवार की 250 से अधिक छोटी बड़ी कांवड़ बाईपास और रुड़की रोड से गुजरी। टोल प्लाजा, मोदीपुरम, कंकरखेड़ा बाईपास, शोभापुर और बागपत बाईपास पर डीजे कांवड़ के बीच साउंड को लेकर प्रतिस्पर्धा भी हुई। झांकियों को सात रंगों की मनमोहक एलइडी लाइटों से सजाया गया। मोदीपुरम, कंकरखेड़ा, रुड़की रोड, बेगमपुल, दिल्ली रोड, शास्त्रीनगर आदि क्षेत्रों के लोग कांवड़ सेवा शिविरों में पहुंचकर सेवा कार्य कर रहे हैं।