बस मेरे पापा ठीक हो जाएं भोलेनाथ...! मैं अपना सब कुछ आपके चरणों में अर्पित कर दूंगा। यह सिर्फ प्रार्थना नहीं थी, बल्कि एक बेटे की भगवान शिव से अपने पिता की जिंदगी के लिए अंतिम फरियाद, जब उसके पिता अस्पताल के बेड पर जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे।
सोनीपत जिले के नाहरी निवासी दीपक के पिता दिल्ली के नरेला स्थित अस्पताल में भर्ती थे। डॉक्टरों और नर्सों तक ने जवाब दे दिया था-'उम्मीद बहुत कम है।' थके-हारे परिवार को जब दवा नहीं बचा सकी, तब दीपक ने भोलेनाथ से संकल्प लिया-अगर पापा बच गए, तो मैं कांवड़ लाऊंगा, वो भी लेटकर, अपनी देह को कष्ट देकर।