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आगजनी से खुली भूसा मंडी में अवैध धंधे की पोल, संवेदनशील क्षेत्र को भांपने में चूका कैंट बोर्ड 

Fri, 08 Mar 2019 05:24 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ बवाल
मेरठ में भूसा मंडी और मछेरान में अवैध धंधे भी होते हैं, इसकी पोल झुग्गी झोपड़ियों में हुई आगजनी ने खोल दी। जांच करने पहुंचे लोगों ने देखा कि वहां पर अवैध वाहनों के पार्ट्स भी हैं। इसकी रिपोर्ट खुफिया विभाग ने शासन को भेजी है, जिसमें जिक्र किया कि भूसा मंडी में अवैध धंधे भी बहुत चलते हैं। 
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मेरठ बवाल
खुफिया विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक भूसा मंडी में बिना अनुमति के कई गोदाम और फैक्टरियां चल रही है। जिसमें केमिकल फैक्टरी भी है, जिसका कोई लाइसेंस भी नहीं है। आग लगाने के पीछे कई शातिरों के नाम भी पुलिस की जांच में आए हैं। इसकी जांच करने में पुलिस जुट गई है। 
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मेरठ बवाल
स्मैक माफिया तसलीम भी था : पुलिस ने बताया कि भूसा मंडी में स्मैक माफिया तसलीम का धंधा चलता है। तसलीम ने 50 से अधिक लोग स्मैक की सप्लाई करने में लगाए हुए हैं। इसको लेकर अलग-अलग चर्चाएं है। वह हाल में जेल से छूटकर आ गया था। बवाल में तसलीम था या नहीं, इसकी जांच पुलिस कर रही है।  

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मेरठ बवाल
संवेदनशील क्षेत्र को भांपने में चूका कैंट बोर्ड 
भूसा मंडी में बुधवार को हुए बवाल में खुफिया विभाग ने शासन को रिपोर्ट भेजी है। जिसमें कहा गया है कि कैंट क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला मछेरान शहर के सात संवेदनशील क्षेत्रों में हैं। जहां पूर्व में भी दुघर्टना होने पर बवाल हो गया था। पुलिस ने समय रहते हालात पर काबू पाया, जिससे सरकारी और निजी संपत्ति को भी बचाया गया।
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मेरठ बवाल - फोटो : अमर उजाला
एक पुलिस अधिकारी के अनुसार कैंट बोर्ड ने मछेरान से सटे भूसा मंडी में अवैध निर्माण पर कार्रवाई को लेकर कोई ठोस प्लानिंग नहीं की थी। पुलिस अधिकारियों को भी जानकारी नहीं दी गई। कैंट बोर्ड की टीम ने अवैध निर्माण पर कार्रवाई उचित समय पर नहीं की। पुलिस और प्रशासन के उच्च अधिकारियों को भी कार्रवाई के बारे में अवगत नहीं कराया। 
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मेरठ बवाल
बुधवार को जिस समय कैंट बोर्ड की टीम कार्रवाई करने पहुंची, वहां का माहौल भांपने में चूक रही है। कार्रवाई के समय अराजक तत्व पहले विरोध को लेकर चुप्पी साधे रहे। जिसके बाद माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई और अराजक तत्व दिल्ली रोड तक पहुंच गए। 
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मेरठ बवाल
सदर बाजार पुलिस को जैसे ही सूचना मिली कि भीड़ बढ़ने लगी है और लगातार हंगामे की स्थिति बन गई। जिसके बाद उच्च अधिकारियों को बताया गया। लेकिन तब तक शरारती तत्वों ने गली से सटे कबाड़ में आग लगा दी, यहीं से आग झोपड़ी तक पहुंची और आग विकराल होती गई।

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मेरठ बवाल
रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली रोड पर रोडवेज बसों और अन्य निजी वाहनों में तोड़फोड़ हुई तो उच्च अधिकारियों ने शहर की सभी फोर्स को बुलाकर भीड़ को दौड़ाया। जिससे दिल्ली रोड पर पांच वाहनों में तोड़फोड़ की गई। 

 

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मेरठ बवाल
आगजनी होने की घटना को पुलिस ने बचाया। पुलिस सभी प्वाइंटों और मुख्य स्थानों पर पहुंच चुकी थी। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के पहुंचने से पहले ही पुलिस फोर्स आग वाले क्षेत्र में परिवार के लोगों को बचाने में जुट गई थी। 
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मेरठ बवाल
रिपोर्ट में बताया गया कि पहले भी शहर में जहां भी बवाल की घटना हुई है उनमें संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्र रहे हैं। हापुड़ अड्डा, एल ब्लॉक शास्त्रीनगर, सोतीगंज, मछेरान, भूमिया का पुल, बिजली बंबा चौकी और ब्रह्मपुरी संवेदनशील माने जाते हैं। मछेरान में साल 2011 में बस से बच्चे की मौत के बाद भी सोतीगंज से लेकर मछेरान तक बवाल हुआ था।
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