बेटा ही परिवार की नैय्या पार लगाता है.. यदि बेटा नहीं तो परिवार अधूरा है.. बेटा नहीं तो मां-बाप का बुढ़ापे में ख्याल कौन रखेगा.. इस सोच को अब समाज आइना दिखाने लगा है। बेटियां भी माता-पिता का ख्याल बेटों से ज्यादा रख सकती हैं इस बात को शहर की बेटियों ने साबित कर दिया है। यही वजह है कि दकियानूसी सोच से ऊपर उठकर लोग अब बेटियों की शिक्षा और परवरिश के प्रति सजग हैं। शहर में कई ऐसे परिवार हैं जिन्होंने बेटियों के आने से अपने परिवार को पूरा बनाया। इनका कहना है कि बेटा ही क्यों बेटी भी परिवार का पालन-पोषण अच्छे से कर सकती हैं, बस हमें अपनी सोच बदलनी होगी। आज (11 अक्तूबर) इंटरनेशनल गर्ल चाइल्ड डे पर ऐसे ही परिवारों की कहानी जो बेटियों के साथ जीवन के हर पल को एक पर्व की तरह मनाते हैं। अगली स्लाइडों में जानिए-