गाजियाबाद के लिंक रोड थाने में एसएचओ रहते हुए बरामदगी की रकम में से 70 लाख रुपये डकारने की आरोपी यूपी पुलिस की इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान ने गुरुवार को मेरठ कोर्ट में सरेंडर कर दिया। ऐसा पहली बार है जब इंस्पेक्टर किसी प्रकार की घोटालेबाजी में फंसी हैं।
हालांकि दबंग लेडी इंस्पेक्टर की छवि रखने वाली अक्सर चर्चाओं में रहती हैं। कोर्ट में सरेंडर के बाद वह फिर से चर्चाओं में हैं। आगे जानें इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान से जुड़ी कुछ और बातें: -
विज्ञापन
2 of 7
एसएसओ लक्ष्मी सिंह चौहान
- फोटो : अमर उजाला
इंस्पेक्टर रहते हुए लक्ष्मी चौहान को उनके बेहतर कार्यों के लिए दस 'गैलेंट्ररी अवॉर्ड' मिल चुके हैं। तीन माह पहले डीजी पी ओपी सिंह ने इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान को 'गैलेंटरी अवॉर्ड' दिया था।
इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान पहली ऐसी महिला है जिन्हें पुलिस ट्रेनिंग के दौरान इंस्पेक्टर के रूप में प्रमोट किया गया था। उनकी दबंग छवि के कारण ही लोग उन्हें 'लेडी सिंघम' के नाम से भी जानते हैं।
4 of 7
एसएसओ लक्ष्मी सिंह चौहान
- फोटो : Social Media
बताया जाता है कि वह अपनी पहली पोस्टिंग के बाद से ही नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ समेत बड़े शहरों के मलाई दार थानों में तैनाती रही हैं। मेरठ के टीपीनगर थाने में भी उनकी तैनाती रही है।
विज्ञापन
5 of 7
इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान
- फोटो : अमर उजाला
इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान के पिता भी डिप्टी एसपी रहे हैं। बताया जाता है इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान काफी महंगे शौक रखती हैं। वहीं इंस्पेक्टर लक्ष्मी को अधिकारियों का करीबी माना जाता है।
विज्ञापन
6 of 7
इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान
- फोटो : अमर उजाला
70 लाख की घोटालेबाजी में फंसने के बाद इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान के बारे में अलग अलग चर्चाएं हैं। चर्चा है कि इंस्पेक्टर लक्ष्मी की यूपी में अलग अलग शहरों में काफी संपत्ति भी है।
गौरतलब है कि हाल ही में इंस्पेक्टर से प्रमोट होकर लक्ष्मी चौहान सीओ की सूची में भी नामित हो गईं थी। लेकिन इसी बीच वह 70 लाख रुपये की घोटालेबाजी के मामले में फंस गईं। एसएसपी नोएडा ने उन पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। जिसके बाद इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान ने आज मेरठ कोर्ट में सरेंडर कर दिया।