शामली एसटी तिराहे पर स्थित एकता पार्क।
- फोटो : अमर उजाला
अंग्रेजों ने तोपें लगाकर शामली को चारों ओर से घेर लिया था। यहां पर थानाभवन के अब्दुल रहीम खां, सैदपुर के चौधरी भगवान सिंह, थानाभवन के चौधरी हरज्ञान सिंह, भैंसवाल के भवानी सिंह, आशा देवी, हरड़ के गेंदा सिंह, इंद्राकौर देवी, पुरबालियान के चौधरी हरपाल सिंह, शोभा देवी, परासौली के खैराती खां, शामली से मामकौर, सोरम से चौधरी लक्ष्मण सिंह, राजकौर, ढिकौली से शोभा सिंह के साथ चौधरी मोहर सिंह भी शहीद हो गए थे। इस शिलापट्ट पर दर्ज है कि क्रांतिकारियों में दहशत फैलाने के लिए झिंझाना-करनाल रोड पर मोहर सिंह के शव को तीन दिन तक फांसी पर लटकाकर रखा गया था।
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