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Major Dhyan Chand: हॉकी के जादूगर का मेरठ से रहा खास नाता, अब फिल्म में दिखेगी दद्दा की हॉकी, जाएगी झांसी

Mon, 29 Aug 2022 11:16 AM IST
Dimple Sirohi वाहिद अली, अमर उजाला, मेरठ

सार

हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का मेरठ से खास नाता रहा। इस शहर की क्रांतिकारी धरती पर भी उन्होंने विदेशियों को धूल चटाई। 66 साल पहले मेरठ में बनी जिस हॉकी से हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद (दद्दा) ने जमकर गोल दागे, वो हॉकी बॉलीवुड फिल्म में नजर आएगी।
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मेजर ध्यानचंद की हॉकी दिखाते पंडित सोहनलाल - फोटो : अमर उजाला
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का मेरठ से गहरा नाता रहा। यहां पंजाब रेजीमेंट में करीब 12 वर्ष तक उनकी तैनाती रही। बांबे बाजार में ‘पंडित सोहनलाल हॉकी मेकर’ के यहां आज भी दद्दा की यादें ताजा हैं। दद्दा की बॉयोपिक के लिए जो स्टिक झांसी ले जाई गई है वो भी इसी दुकान में रखी थी। इसी स्टिक से दद्दा ने 1952 में ऐतिहासिक विक्टोरिया पार्क में जापान की टीम को करारी शिकस्त दी थी।

 पंडित सोहनलाल शर्मा के बेटे अरुण शर्मा ने बताते हैं कि मेजर ध्यानचंद आम जीवन में जितने नरम थे, मैदान पर उतने ही आक्रामक। दद्दा उनके पिता के पास घंटों-घंटों दुकान पर बैठना। हॉकी खेल के किस्से सुनाना आज भी मेरठ में चर्चा का विषय रहता है। मैदान पर वे चीते की फुर्ती से गोल करने में माहिर थे। वर्ष 1956-57 में दद्दा सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। झांसी लौटते समय मेरठ के लोगों ने दद्दा के गले में फूलों की मालाएं डालकर विदा किया था। सिटी रेलवे स्टेशन की यह दुर्लभ फोटो आज भी अरुण ने सहेज कर रखी है।
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मेजर ध्यानचंद के साथी - फोटो : अमर उजाला
अब वो बात कहां...
पूर्व खेल अधिकारी और हॉकी कोच पंडित सतीश शर्मा ने कहा दद्दा के बाद हॉकी खेल अस्तित्व बचाने की जद्दोजहद कर रहा है। उन्होंने कहा स्कूली स्तर पर हॉकी खेल का बढ़ावा देने की जरूरत है। एक समय था, जब मेरठ से कई खिलाड़ी भारतीय टीम में शामिल थे। आज हॉकी खेलने से युवा दूरी बना रहे हैं, मेरठ में तैयार हॉकी एस्ट्रोटर्फ में देरी से भी नुकसान हो रहा है।



 
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पंडित सोहनलाल शर्मा हॉकी मेकर - फोटो : अमर उजाला
आज भी सहेज रखीं हैं दद्दा की यादें  
पंडित सोहनलाल शर्मा हॉकी मेकर के यहां लकड़ी की वो चार कुर्सियां आज भी रखीं  हैं जिन पर दद्दा और उनकी मित्र मंडली बैठकर गपशप करती थी। दुकान से दद्दा की यादें जुड़ी हैं, इसलिए अरुण ने ज्यादा बदलाव भी नहीं कराया।

 

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प्रदीप चिन्योटी - फोटो : अमर उजाला
विशेष ध्यान की जरूरत : प्रदीप चिन्योटी  
जिला हॉकी संघ सचिव प्रदीप चिन्योटी ने कहा स्टेडियम में हॉकी हॉस्टल खत्म करने से खेल में गिरावट आई है। उस समय कई दूसरे शहरों के खिलाड़ी मेरठ में होते थे तो एक अच्छी टीम तैयार हो जाती थी। लेकिन आज स्कूल स्तर से ही हॉकी खत्म हो गई, जिसको गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। युवाओं को इसके प्रति जागरूक करने की जरूरत है।


 
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मेजर ध्यानचंद - फोटो : अमर उजाला
फिल्म में दिखेगी दद्दा की हॉकी
66 साल पहले मेरठ में बनी जिस हॉकी से हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद (दद्दा) ने जमकर गोल दागे, वो हॉकी बॉलीवुड फिल्म में नजर आएगी। उनकी यादें आज भी क्रांतिधरा को महका रही हैं। फिल्म की शूटिंग दद्दा के मूल निवास झांसी में शुरू होने वाली है। शनिवार को दद्दा की हॉकी के साथ खेल से जुड़े लोगों ने बताया कि 40 व 50 के दशक में दद्दा ने शहतूत की लकड़ी से बनी हॉकी से खूब गोल दागे।  

 
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मेजर ध्यानचंद - फोटो : अमर उजाला
शास्त्रीनगर में क्रीड़ा भारती के जिलाध्यक्ष अश्वनी गुप्ता के आवास पर मशहूर हॉकी मेकर स्व. सोहनलाल शर्मा के बेटे अरुण शर्मा और पूर्व खेल अधिकारी पंडित सतीश शर्मा ने हॉकी का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि 29 अगस्त को दद्दा की जयंती पर झांसी में हीरोज क्लब मैदान पर हॉकी टूर्नामेंट होने जा रहा है। इसमें फिल्म निर्माता राजीव खट्टर शामिल होंगे। उन्हें मेरठ से जाने वाली हॉकी उपहार में दी जाएगी। दद्दा के बेटे ओलंपियन अशोक ध्यानचंद ने फोन पर बताया कि टूर्नामेंट में हॉकी से जुड़े पुराने लोगों को आमंत्रित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दद्दा के जीवन पर बन रही फिल्म से युवाओं को उनके बारे में जानने का मौका मिलेगा। इससे हॉकी को भी बढ़ावा मिलेगा।   
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मेजर ध्यानचंद
हिटलर के किस्से सुनाते थे दद्दा
40 व 50 के दशक में बांबे बाजार स्थित सोहनलाल की दुकान पर दद्दा अक्सर बैठा करते थे। अरुण शर्मा ने बताया कि दद्दा दुकान पर अक्सर हिटलर के किस्से बताते थे। जब हिटलर ने उनके आगे भारतीय सेना छोड़ जनरल का पद पेश किया तो उन्होंने ठुकरा दिया। हिटलर के आमंत्रण से पहले वह रातभर सो नहीं पाए थे। पिता सोहनलाल से दद्दा की बहुत घनिष्ठता थी।
 
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