मेजर ध्यानचंद के साथी
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अब वो बात कहां...
पूर्व खेल अधिकारी और हॉकी कोच पंडित सतीश शर्मा ने कहा दद्दा के बाद हॉकी खेल अस्तित्व बचाने की जद्दोजहद कर रहा है। उन्होंने कहा स्कूली स्तर पर हॉकी खेल का बढ़ावा देने की जरूरत है। एक समय था, जब मेरठ से कई खिलाड़ी भारतीय टीम में शामिल थे। आज हॉकी खेलने से युवा दूरी बना रहे हैं, मेरठ में तैयार हॉकी एस्ट्रोटर्फ में देरी से भी नुकसान हो रहा है।