हिसार में सेना की जासूसी के आरोपी पकड़े गए शेरपुर के दोनों युवकों महताब और रागिब को पूछताछ के बाद शनिवार देर रात हिसार पुलिस ने छोड़ा। दोनों युवक अपने गांव शेरपुर परिजनों के बीच पहुंचे। दरअसल, शेरपुर निवासी महताब को पाकिस्तानी सैनिक के इशारे पर काम करने के आरोप में शनिवार को हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
आरोप था कि वह पाकिस्तान के जनपद मियांवाला के आलमपुर निवासी अपनी बुआ व पाकिस्तानी फौज में काम करने वाले फुफेरे भाई से फोन पर लगातार संपर्क में रहता था। उसकी गतिविधियां संदिग्ध हैं-
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- फोटो : अमर उजाला
शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव शेरपुर निवासी मोहम्मद हनीफ की बड़ी बहन हनीफा का निकाह देश को आजादी मिलने के कुछ साल बाद पाकिस्तान के जनपद मियांवाला के गांव आलमपुर निवासी याकूब से हुआ था। पहले हनीफा अक्सर परिजनों से मिलने हिंदुस्तान आती रहती थी, लेकिन करीब 35 साल से वह स्वदेश नहीं आई है। हनीफा के सात बेटे हैं, जिनमें से एक तारिक पाकिस्तानी फौज में है।
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गांव शेरपुर निवासी महताब के पिता हनीफ व मां मुनीफा ने बताया कि महताब अक्सर फोन पर पाकिस्तान में रहने वाली बुआ हनीफा व फुफेरे भाई पाकिस्तानी फौजी तारिक से बातें करता था। अक्सर उनके बीच व्हाट्सअप पर भी बातें होती थीं, उसी पर महताब अपनी मां से भी उनकी बातें कराता था।
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कांधला के मदरसे में पढ़ाता था महताब
महताब गांव शेरपुर निवासी महताब शिक्षक भी रह चुका है। करीब दस साल पूर्व शिक्षण कार्य छोड़कर उसने वेल्डिंग का काम सीखा था। शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव शेरपुर निवासी महताब पुत्र हनीफ ने शुरूआती पढ़ाई गांव के मदरसे में की थी। बाद में उसने शामली जनपद के गांव कुरमाली स्थित मदरसे से हिफ्ज की पढ़ाई पूरी की और कांधला के मदरसे में बच्चों को पढ़ाने लगा।
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करीब तीन साल तक कांधला मदरसे में बच्चों को पढ़ाने के बाद दस साल पूर्व महताब घर लौट आया। पढ़ाना छोड़कर वेल्डिंग का काम सीखने लगा। काम सीखने के बाद उसने जनपद के साथ ही सहारनपुर में भी काम किया। करीब दस दिन पूर्व वह सहारनपुर जनपद के गांव सरदाहेड़ी निवासी ठेकेदार अफजाल के साथ अपने गांव शेरपुर के ही रागिब को लेकर काम पर हिसार गया था, जहां उसे आर्मी कैंट में गोपनीय जानकारी व कैंट पाकिस्तान में भेजने के आरोप में पकड़ लिया गया।
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बड़ा भाई शहजाद है चालक
शेरपुर निवासी हनीफ मजदूरी करता था। हनीफ के दो बेटे शहजाद व महताब हैं। इनमें बड़ा शहजाद ड्राइवर है, जबकि छोटा भाई महताब वेल्डर है। महताब का निकाह करीब चार साल पूर्व रियावली नंगला निवासी इसराना से हुआ था, जिससे उसे इकलौता बेटा कासिम (3) है।
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परिवार में हैं सात भाई, पत्नी व दो बच्चे
शेरपुर निवासी सलीम के आठ बेटे व एक बेटी है। बेटों में रागिब तीसरे नंबर का है। आठ में से सात बेटों की शादी हो चुकी है, जबकि सबसे छोटा रब्बानी अविवाहित है। सभी आठों भाई वेल्डिंग, ड्राइविंग आदि के काम से जुड़े हुए हैं। रागिब का निकाह करीब सात साल पूर्व बागपत जनपद के खेकड़ा थाना क्षेत्र के गांव रटौल निवासी हिना से हुआ था और उसे दो बेटे जैद व हम्मार हैं।
एक माह पूर्व ही ससुराल लौटी थी पत्नी
रियावली नंगला निवासी इसराना से महताब का निकाह हुुआ। उसे इकलौता बेटा कासिम हुआ। बेटे के जन्म के कुछ समय बाद ही पति-पत्नी में विवाद रहने लगा, जिसके चलते इसराना बेटे के साथ मायके चली गई। इसके बाद दोनों पक्षों में समझौते के कई बार प्रयास हुए, लेकिन परवान नहीं चढ़े। ढाई साल तक मायके में रहने के बाद करीब एक माह पूर्व ही इसराना बेटे कासिम के साथ ससुराल लौटी थी।