फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अचानक बदला मौसम का मिजाज, मेरठ समेत आसपास के कई जिलों में तेज बारिश के साथ गिरे ओले

Sat, 29 Feb 2020 01:25 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
1 of 6
rain in meerut - फोटो : अमर उजाला
फरवरी के अंतिम सप्ताह में भी मौसम में उतार चढ़ाव का दौर जारी है। शुक्रवार शाम से ही आसमान में घटा छाई रही। वहीं, दोपहर में तेज चटख धूप निकलने से तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। शनिवार को सुबह जहां तेज धूप निकली वहीं दोहपहर को अचानक काले बादल छा गए और मेरठ मुजफ्फरनगर व बिजनौर सहित कई जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। वहीं बेमौसम बारिश से खेतों में खड़ी फसलों को काफी नुकसान हुआ है जिसने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। देखें तस्वीरें: -

 
विज्ञापन

2 of 6
rain in meerut - फोटो : अमर उजाला
फरवरी माह में लगातार मौसम में परिवर्तन देखा गया। माह के आरंभ व अंतिम सप्ताह में भी मौसम में उतार चढ़ाव जारी है। शुक्रवार को सुबह के समय में आसमान में बादल छाए रहे तो दोपहर के समय में तेज धूप निकली। हवा की रफ्तार भी तापमान में वृद्धि नहीं रोक सकी। दिन व रात के तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। मुजफ्फरनगर जिले में दोपहर को अचानक मौसम बदल गया और तेज बारिश हुई। जिले के बुढ़ाना और शाहपुर क्षेत्र में बारिश के साथ आले भी गिरे।
विज्ञापन

3 of 6
rain, winter in meerut - फोटो : अमर उजाला
मौसम वैज्ञानिक 29 फरवरी को बारिश की संभावना जता रहे हैं। मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्र्दता अधिकतम 96 व न्यूनतम 58 प्रतिशत दर्ज की गई। हवा सुबह के समय 4, दोपहर में 6 व शाम को 4 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली। वहीं, मेरठ का औसत एक्यूआई 238 दर्ज किया गया।

 

4 of 6
rain in meerut - फोटो : अमर उजाला
आईआईएफएसआर के मौसम वैज्ञानिक डा. एन सुभाष के अनुसार, मौसम में परिवर्तन होगा। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 29 फरवरी को बारिश होने की संभावना बनी हुई है। पांच मार्च तक मौसम में परिवर्तन बना रहेगा। 
विज्ञापन

5 of 6
crop - फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि बारिश, ओलावृष्टि एवं आंधी ने किसानों कमर तोड़ दी है। गेहूं की फसल इस समय बढ़वार में है। लेकिन अधिकांश निकलने वाली बालियां ओलावृष्टि से चिर गई हैं, जिसके कारण गेहूं की फसल प्रभावित होने की आशंका है। सप्ताह में तीन बार बारिश होने से आलू की खुदाई नहीं हुई, खेतों में पानी भरा होने से आलू खराब होने के कगार पर है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
जमकर ओले पड़े - फोटो : अमर उजाला
उधर बिजनौर जिले में हुई ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान किरतपुर एवं नजीबाबाद ब्लॉक में सरसों की फसल को हुआ है। सरसों की फसल का उत्पादन करीब 30 प्रतिशत क गिरेगा। लगातार खराब हो रहे मौसम से किसान भी परेशान हो गए हैं। चीनी मिलों में गन्ने की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। मिलों का पेराई सत्र मई तक पूरा होने का अनुमान है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें