मेरठ के हाशिमपुरा कांड में आया हाईकोर्ट का फैसला अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है। कुछ की नजर में यह नासूर बन चुके दर्द का मरहम है तो कुछ को लग रहा है कि इसकी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में लड़ी जानी चाहिए। दरअसल, राजनीतिक दलों के चश्मे से इस प्रकरण के सियासी मायने अलग-अलग दृष्टिकोण बयां कर रहे हैं। यहां तक कि इसे चुनावी मुद्दों में शामिल करने पर भी विचार शुरू हो चुका है।