मई 1987 को मेरठ शहर में एक दिन के अंतराल में दो ऐसे दंगे हुए जिन्होंने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। 22 मई को हाशिमपुरा में हुए दंगे की चिंगारी से शहर झुलस उठा था। धार्मिक उन्माद की भड़की चिंगारी के बाद आपसी भाई चारा भी टूट गया। पुलिस, पीएसी, पैरामिलिट्री और सेना शहर में दंगे को काबू करने में लगी थी। लेकिन 24 घंटे भी नहीं बीत पाए थे कि हाशिमपुरा से सात किमी की दूरी पर मलियाना में भी दंगा फैल गया। देखते ही देखते पूरा शहर छावनी में तब्दील कर दिया गया था।