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बसंत के रंग: ये काटी, वो काटी... आसमान में लहराईं नीली, पीली और गुलाबी पतंगें

Sun, 10 Feb 2019 01:56 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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आसमान में नीली, पीली, लाल और गुलाबी पतंगें उड़ती देख छात्रों का उत्साह भी दोगुना हो गया। शनिवार को बसंत पंचमी की पूर्व संध्या पर शिक्षण संस्थाओं में कार्यक्रम आयोजित किए गए। बच्चों को बसंत का महत्व बताया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर बच्चों ने मन मोह लिया।

 
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दिल्ली पब्लिक स्कूल में बसंतोत्सव समारोह मनाया गया। शुभारंभ प्रिंसिपल सविता चड्ढा ने किया। स्वीट एंजेल प्ले स्कूल में चेयरपर्सन विजय स्वामी प्रधानाचार्या निशा वेदी ने बसंत पर्व की महत्ता बताई। सेंट जेवियर्स वर्ल्ड स्कूल में कार्यक्रम का शुभारंभ सारथी संस्था की अध्यक्षा कल्पना पांडे, प्रिंसिपल सरला ठाकुर व बबीता सिंह एवं स्कूल डायरेक्टर पीयूष गोयल ने किया।

 
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बालेराम ब्रजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर में वीर हकीकत राय बलिदान दिवस भी मनाया गया। एलेक्जेंडर स्कूल में बच्चे पीले रंग के परिधान पहनकर आए। शुभारंभ स्कूल निदेशक सचिन शर्मा, प्रिसिंपल रुचि शर्मा ने किया। विनायक विद्यापीठ संस्थान में छात्राओं ने रंगोली बनाई। प्राचार्य डॉक्टर उर्मिला मोरल ने सभी को बसंत पंचमी की बधाई दी।

 

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केएल इंटरनेशनल स्कूल में बसंत उत्सव मनाया। प्राइमरी विंग में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। प्रधानाचार्य सुधांशु शेखर ने बसंत पर्व की बधाई देते हुए छात्रों को वार्षिक परीक्षा के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की।

 
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बसंत पंचमी आज, अनसूझ होंगे मुहूर्त कार्य 
बसंत पंचमी आज है। जहां मां सरस्वती पूजन का विशेष महत्व है वहीं आज अनसूझ शुभ मुहूर्त कार्य हो सकते हैं। आज ही के दिन होलिका स्थलों पर पूजन किया जाएगा। शादियों की भी भरमार रहेगी। ज्योतिष पं. विनोद त्यागी के अनुसार बसंत पंचमी सुबह से प्रारंभ होकर दोपहर दो बजकर आठ मिनट तक रहेगी। यह सरस्वती पूजन का त्योहार है।
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भारतीय संस्कृति के अनुसार इसी दिन विद्यालय में बच्चे को पहला अक्षर लिखना सिखाया जाता था। जिस समय सृष्टि  की रचना हुई तो प्रकृति चेतना विहीन थी। इसी दिन ब्रह्माजी ने अपने कमंडल से जल छिड़का प्रकृति में चेतना आई। इस दिन पीली खिचड़ी बनाने का भी महत्व है। दान किया जाता है और मां सरस्वती की पूजा होती है। 

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