Meerut News: मेरठ के चर्चित गुदड़ी बाजार तिहरे हत्याकांड को 18 साल पूरे हो गए। सुनील ढाका, पुनीत गिरि और सुधीर उज्ज्वल को हाजी इजलाल कुरैशी ने अपने साथियों के साथ मिलकर मार दिया था। सभी हत्यारों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुना रखी है।
कोतवाली क्षेत्र के गुदड़ी बाजार तिहरे हत्याकांड को शुक्रवार को 18 साल पूरे हो गए। 23 मई 2008 को हुई दिल दहला देने वाली इस वारदात को लेकर न्याय की लड़ाई जारी है। इस जघन्य अपराध में उम्रकैद की सजा पाए 11 दोषियों ने जहां राहत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, वहीं पीड़ित पक्ष के परिजन दोषियों को फांसी दिलाने की मांग कर रहे हैं। हत्याकांड में जान गंवाने वाले सुनील ढाका के बड़े भाई अनिल ढाका ने दोषियों को फांसी दिलाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वहीं, दोषियों ने राहत के लिए अपील की है।
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गुदड़ी बाजार हत्याकांड का मुख्य आरोप इजलाल।
- फोटो : अमर उजाला
यह भयानक वारदात 22 मई 2008 की रात को हुई थी, जब मेरठ निवासी सुनील ढाका, पुनीत गिरि और बागपत निवासी सुधीर उज्ज्वल को गुदड़ी बाजार में हाजी इजलाल कुरैशी ने अपने साथियों के साथ मिलकर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि तीनों युवकों को एक युवती शीबा से दोस्ती के विरोध और अन्य कारणों से बुलाया गया था।
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गुदड़ी बाजार हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
आरोप पत्र के अनुसार, सुधीर उज्ज्वल की गोली मारकर हत्या की गई, जबकि सुनील और पुनीत को लोहे के पाइप से पीट-पीटकर, गला काटकर और आंखें फोड़कर मौत के घाट उतारा गया। बाद में तीनों शवों को कार की डिग्गी में भरकर बागपत जिले के बालैनी थाना क्षेत्र में हिंडन नदी किनारे फेंक दिया गया था।
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गुदड़ी बाजार हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
इस मामले में 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था। जिला अदालत ने चार अगस्त 2024 को हाजी इजलाल कुरैशी, शीबा सिरोही, अफजाल, महराज, देवेंद्र आहूजा उर्फ मन्नू, वसीम, रिजवान, बदरुद्दीन, इजहार, अब्दुल रहमान उर्फ कलुवा और मोहम्मद शम्मी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हत्या के दो आरोपी इसरार और माजिद की केस विचाराधीन रहने के दौरान मौत हो गई थी, जबकि एक आरोपी नाबालिग था। शीबा सिरोही को बाद में जमानत मिल गई थी।
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गुदड़ी बाजार हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
पीड़ित परिवार का संघर्ष और दोषियों की अपील
मृतक सुनील ढाका के बड़े भाई अनिल ढाका ने दोषियों को फांसी की सजा दिलाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उनका कहना है कि वे दोषियों को फांसी दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। दूसरी ओर, उम्रकैद की सजा पाए 11 दोषियों ने भी अपनी सजा के खिलाफ राहत की अपील हाईकोर्ट में दायर की है।
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गुदड़ी बाजार हत्याकांड
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क्रूरता की पराकाष्ठा
पुलिस के आरोप पत्र के अनुसार, हत्यारों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दी थीं। तीनों युवकों को पहले बात करने के बहाने बुलाया गया, जहां सुधीर उज्ज्वल से विवाद के बाद उसे गोली मार दी गई। इसके बाद सुनील और पुनीत को पकड़कर अत्यंत यातनाएं दी गईं, जिसमें लोहे के पाइप से पीटना, गला काटना और आंखें फोड़ना शामिल था। इस जघन्य कृत्य ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था।
हिंडन नदी किनारे मिले थे शव, नदी में फेंक नहीं पाए थे
मेरठ जिले की सीमा पर बालैनी नदी के किनारे तीन युवकों के शव मिले थे। इनकी पहचान मेरठ निवासी सुनील ढाका (27) निवासी जागृति विहार, पुनीत गिरि (22) निवासी परीक्षितगढ़ रोड और सुधीर उज्ज्वल (23) निवासी गांव सिरसली, बागपत के रूप में हुई थी। इनको नदी में फेंकने के इरादे से ले जाया गया था। मगर किसी कारणवश हत्यारे नदी किनारे ही छोड़कर भाग गए थे।