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गंगा हादसा: 'दो भाइयों के दो-दो बेटे नहीं रहे', सुनकर कांप उठी रूह, मां मुनेश और बिजेंद्री की उजड़ गई दुनिया

Sun, 05 Apr 2026 11:31 AM IST
Mohd Mustakim रविंद्र चौहान, मेरठ

सार

Meerut News: गांव जलालपुर में 100 साल की बुजुर्ग के अंतिम संस्कार में दो भाइयों सोनू सैनी के दो बेटे दीपांशु व प्रियांशु और कमल के बेटे अभिषेक और हिमांशु भी मखदूमपुर गंगा घाट पर गए थे। वहां चारों भाई गंगा में डूब गए। तीन के शव बरामद हो गए, जबकि प्रियांशु की तलाश की जा रही है। 
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मखदूमपुर गंगा में तलाश करती टीम और किनारे पर मौजूद लोग। - फोटो : अमर उजाला
मखदूमपुर गंगा घाट पर हुआ वह चंद पलों का हादसा दो हंसते-खेलते परिवारों की दुनिया उजाड़ गया। चारों भाई यह कहकर घर से निकले थे कि जल्दी लौटकर आएंगे लेकिन किसी को नहीं पता था कि यह उनकी आखिरी विदाई साबित होगी।
 
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किनारे पर बैठी इंतजार करतीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
यूपी के मेरठ स्थित कस्बा दौराला के गांव जलालपुर में सोनू सैनी के दो ही बेटे थे दीपांशु और प्रियांशु। दोनों अपनी छोटी बहन दीपांशी के जान थे। पिता सोनू बताते हैं कि दोनों बेटे अक्सर बहन से कहते थे कि हम कहीं भी नौकरी करेंगे खूब मेहनत करेंगे लेकिन तुझे खूब पढ़ाएंगे और बड़ा अफसर बनाएंगे।
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घाट पर पहुंचे मंत्री दिनेश खटीक। - फोटो : अमर उजाला
वहीं मां मुनेश का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार बदहवास होकर बस एक ही बात दोहरा रही हैं कि उन्होंने बेटों को गंगा पर जाने से मना किया था लेकिन वे नहीं माने। उधर, कमल के बेटों अभिषेक और हिमांशु की मां बिजेंद्री भी बेसुध हैं। घर के आंगन में अब सन्नाटा है और मां की नजरें बार-बार दरवाजे पर जाकर टिक जाती हैं शायद इस उम्मीद में कि उनका बेटा अभी लौटकर आएगा और कहेगा मां मैं आ गया।

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किनारे पर मौजूद टीम। - फोटो : अमर उजाला
काश, वो बात मानकर रुक जाते...
गंगा घाट पर मौजूद मृतक भाइयों के चाचा प्रमोद ने भारी मन से बताया कि उन्होंने घाट पर चारों को गहरे पानी में जाने और स्नान करने से मना किया था। लेकिन बच्चों की जिद के आगे उन्हें झुकना पड़ा। प्रमोद कहते हैं, काश उस वक्त सख्ती की होती और वो बात मान लेते तो आज ये मंजर न देखना पड़ता। 15 से 22 वर्ष की उम्र के ये चारों चचेरे भाई परिवार के लाड़ले थे। एक ही झटके में सोनू और कमल के परिवारों के चिराग बुझ गए। गांव जलालपुर में शनिवार को किसी के घर चूल्हा नहीं जला। जिसने भी सुना कि दो भाइयों के दो-दो बेटे अब इस दुनिया में नहीं रहे उसकी रूह कांप गई।
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गंगा में तलाश। - फोटो : अमर उजाला
पीड़ित परिवारों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान
प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन ने गंगा में डूबने से जान गंवाने वाले युवकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। शुक्रवार को हुए इस हादसे के बाद एनडीआरएफ की टीम ने शनिवार को सर्च ऑपरेशन चलाया। अब तक तीन चचेरे भाइयों अभिषेक, हिमांशु (पुत्र कमल सैनी) और दीपांशु (पुत्र सोनू सैनी) के शव बरामद कर लिए गए हैं। प्रियांशु की तलाश के लिए रेस्क्यू टीमें अभी भी अभियान चला रही हैं।
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किनारे पर मौजूद लोग। - फोटो : अमर उजाला
एडीएम वित्त एवं राजस्व सूर्यकांत त्रिपाठी ने बताया कि गंगा में डूबने से जिनकी मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है उनके परिजनों को शासन की ओर से 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। राहत राशि जल्द ही संबंधित परिवारों के बैंक खातों में हस्तांतरित कर दी जाएगी। जलशक्ति राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने भी परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।


 
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घाट पर पहुंचे योगेश वर्मा। - फोटो : अमर उजाला
गमगीन है पूरा इलाका
एक ही परिवार के तीन चिरागों के शव मिलने के बाद गांव जलालपुर में मातम पसरा हुआ है। प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर डटी हुई हैं ताकि चौथे लापता युवक का भी जल्द सुराग मिल सके। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जब तक आखिरी युवक का पता नहीं चल जाता ऑपरेशन जारी रहेगा।

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