वारदात का खुलासा करते एडीजी प्रशांत कुमार
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दागी पुलिस वालों में बेचैनी
शरद गोस्वामी पांच साल से लगातार अपराध करता-करता अंतर्राष्ट्रीय अपराधी बन गया। इसके गिरोह में 100 से अधिक बदमाश बताए गए। 11 मुकदमे दर्ज हैं और दिल्ली से भगोड़ा भी घोषित था। लेकिन वह पहली बार जेल गया। रिमांड भी मंजूर हो गया। इसको लेकर दागी पुलिस वालों में बेचैनी है।
शरद की दोस्ती बदमाशों के साथ पुलिस वालों से भी है। एक दरोगा और दो सिपाही ही नहीं, 20 से अधिक पुलिस वाले उसके गहरे दोस्त हैं। मोबाइल चोरी हो या लूट, सबसे पहले शरद के पास ही पुलिस वालों की कॉल पहुंचती थी। कौन बदमाश मोबाइल छीन रहे हैं, इसकी जानकारी कुछ पुलिस वालों को भी थी। ब्रह्मपुरी, परतापुर और कंकरखेड़ा में मोबाइल चोर और लुटेरों के साथ उसका नाम नाम सिर्फ शरद लिखा जाता था।