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पटाखा फैक्टरी में धमाका: लाइसेंस था 15 किग्रा का हर कमरे में दिखा बारूद; सामने आई विस्फोट की ये तीन बड़ी वजह

Sat, 25 Jul 2026 11:38 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर

सार

सहारनपुर में हुए पटाखा फैक्टरी में विस्फोट की तीन बड़ी वजह सामने आई हैं। लालच, लापरवाही और लचर व्यवस्था ने दो की जान ले लीं। पटाखा फैक्टरी में मानक पूरे नहीं थे। साथ ही प्रशासनिक अनदेखी भी भारी पड़ी।
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firecracker factory Blast - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
सहारनपुर के गंगोह के कुंडाबसी गांव स्थित पटाखा फैक्टरी में विस्फोट की तीन बड़ी वजह सामने आई है। घटनास्थल पर जिस तरह चार कमरों में विस्फोटक सामग्री और पटाखे रखे हुए थे उससे लग रहा है कि वहां पर क्षमता से अधिक भंडारण था। लाइसेंस केवल 15 किग्रा का था। दूसरी वजह है कि फैक्टरी के लिए लाइसेंस जरूर था, लेकिन इसके अलावा कोई अन्य मानक पूरा नहीं था। तीसरी और सबसे अहम वजह है प्रशासनिक अनदेखी।
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सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पहली वजह
फैक्टरी करीब पांच साल पहले शुरू हुई थी। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि फैक्टरी के पास 2028 तक का लाइसेंस है। जानकारी करने पर पता चला कि लाइसेंस 15 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री के लिए लाइसेंस लिया गया था, लेकिन फैक्टरी में चार कमरे हैं और चारों में विस्फोट सामग्री और पटाखे रखे हुए थे। कुछ पटाखे बाहर धूप में सूखने के लिए भी रखे गए थे। वह 15 किलोग्राम से कहीं ज्यादा थे। आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि फैक्टरी में पिछले कुछ दिनों से हलचल बढ़ गई थी।
 
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सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका, मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दूसरी वजह
नियमानुसार, फैक्टरी शहर या आबादी वाली जगहों से दूर और खुले खेतों या औद्योगिक क्षेत्र में होनी चाहिए, लेकिन यह फैक्टरी गांव से मात्र 300 मीटर दूर है।इमारतों में ऐसी सामग्री का इस्तेमाल होना चाहिए, जो चिंगारी न छोड़े। फर्श पर एंटी-स्टेटिक रबर मैट होने जरूरी हैं, लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं दिखा। केवल सामान्य कमरे बनाए गए थे। आग बुझाने के यंत्र, पानी की टंकी, रेत की बोरियां और फायर अलार्म सिस्टम हर समय तैयार हालत में होने चाहिए, लेकिन यहां पर अग्निशमन यंत्र के नाम पर केवल एक उपकरण दिखाई दिया। इसके अलावा सबसे अहम है कि मजदूरों को आग से बचाने वाले सूती कपड़े, सेफ्टी गॉगल्स और विशेष जूते होने चाहिए।

 

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सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका, तिरपाल के नीचे पटाखे - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस फैक्टरी में किसी भी मजदूर के पास ऐसा कुछ नहीं था। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि फैक्टरी को लाइसेंस किस आधार पर मिला हुआ था। ठेकेदार सभी मजदूरों को लेकर आए थे। नियमानुसार उनके श्रमिक आधार पर बीमा होना चाहिए, लेकिन मजदूरों ने बताया कि किसी का बीमा नहीं है।

 
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सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तीसरी वजह
तीसरी वजह प्रशासनिक अनदेखी सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब डेढ़ साल पहले भी फैक्टरी में आग लगी थी। हालांकि उसमें कोई जनहानि नहीं हुई थी। मामले को रफा दफा कर दिया गया था। अगर अधिकारियों ने गंभीरता दिखाई होती तो शायद यह हादसा नहीं होता। एनसीआर से बाहर होने की वजह से जिले में पटाखा फैक्टरी की संख्या काफी है। अग्निशमन या अन्य विभाग की तरफ से दीपावली के नजदीक निरीक्षण की औपचारिक कार्रवाई होती है। बाकी दिनों में किसी का कोई ध्यान नहीं। यहीं वजह रही कि फैक्टरी में इस तरह मानकों की अनदेखी की गई और यह हादसा हुआ।
 
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सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका, मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बारूद का गलत मिश्रण बन सकता है विस्फोट की वजह
जेवी जैन कॉलेज के फिजिक्स विभाग के अध्यक्ष प्रो. संजय कुमार मौर्य के अनुसार, पटाखे बनाने में मुख्य रूप से पोटेशियम नाइट्रेट, सल्फर (गंधक) और चारकोल (कोयला) का उपयोग किया जाता है।
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सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका, तिरपाल के नीचे पटाखे - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पटाखे बनाते समय कई कारणों से विस्फोट हो सकता है। जैसे रॉ मैटेरियल की गलत हैंडलिंग, इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट, पुरानी वायरिंग, ओवरलोड की वजह से चिंगारी निकलना, गन पाउडर, सल्फर और पोटेशियम क्लोरेट आदि केमिकल को आपस में गलत तरीके से मिलाना या उनका तापमान बढ़ाना भी इसका कारण हो सकता है।

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सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका, मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक महीने पहले ही आए थे मजदूर
पटाखा फैक्टरी में काम करने के लिए मजदूर करीब एक महीने पहले ही आए थे। इनमें एक मजदूर अभी सात दिन पहले ही काम पर लौटा। जांच में सामने आया कि फैक्टरी में काम करने वालों की उम्र करीब 19 से 30 साल है, जो कई सौ किलोमीटर दूर मजदूरी करने के लिए आए। वहीं, मृतक दीपराज और संदीप की अभी शादी नहीं हुई थी।

 

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सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका, मौके पर पुलिस और भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गनीमत रही, चपेट में नहीं आया मदरसा
हादसा स्थल से करीब 60 मीटर की दूरी पर मदरसा स्थित है, जिसमें करीब 100 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। बच्चों ने बताया कि हादसे के समय वह कक्षा में पढ़ाई कर रहे थे। अचानक तेज धमाके की आवाज सुनकर सभी सहम गए और डर के कारण अंदर ही दुबक गए। गनीमत रही कि विस्फोट की आग और उसका असर मदरसे तक नहीं पहुंचा, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

 

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सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका, मौके पर पुलिस और भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फैक्टरी के पास 15 किलोग्राम का लाइसेंस था। हादसे को लेकर जांच शुरू कर दी गई है। सभी मानकों की जांच की जाएगी। फैक्टरी मालिक से भी पूछताछ होगी।- प्रताप सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी

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लापता राहुल की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पटाखा फैक्टरी में विस्फोट
यूपी के सहारनपुर के गंगोह-बिड़ौली मार्ग पर कुंडाबसी गांव में स्थित पटाखा फैक्टरी में शुक्रवार की शाम हुए भीषण विस्फोट में ठेकेदार दीपराज (23) और संदीप (25) की मौत हो गई। फैक्टरी में काम कर रहे दो मजदूर लापता हैं। धमाके की आवाज करीब पांच किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। फैक्टरी का मलबा और शवों के अवशेष लगभग 600 मीटर दूर तक बिखरे मिले। डीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

 

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दीपराज की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जानकारी के अनुसार, फैक्टरी के एक हिस्से में विस्फोट शाम करीब 4:30 बजे हुआ। उस समय आतिशबाजी के लिए बारूद का मिश्रण बनाया जा रहा था। दूसरी तरफ करीब 20 मजदूर काम कर रहे थे। विस्फोट होते ही मजदूरों में भगदड़ मच गई। बारूद का मिश्रण बना रहे ठेकेदार दीपराज व संदीप निवासी गांव बांझड थाना ढोढवा जिला खरगोन एमपी के चीथड़े उड़ गए।

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लापता आकाश की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हाथ, पैर और सिर तक अलग हो गए। कुछ अंग आसपास के पेड़ों पर लटके मिले। पुलिस टीम ने अंगों को इकट्ठा कराया। खरगोन के अकाश और खंडवा के राहुल लापता बताए जा रहे हैं। घटनास्थल पर मौजूद मजदूरों ने बताया कि हादसे के समय आकाश और राहुल भी मौजूद थे लेकिन उनका पता नहीं चल रहा है।

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संदीप की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मौके पर पहुंचे डीएम अरविंद कुमार चौहान, एसएसपी अभिनंदन सिंह और मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रताप सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने विस्फोट की वजहों की जानकारी ली।
 
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सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गाजियाबाद के हसन पांच साल से इस जगह पर फैक्टरी चला रहे हैं। उनके पास साल 2028 तक का पटाखे बनाने का लाइसेंस है। फैक्टरी आबादी से करीब 300 मीटर दूर है। देर रात तक फैक्टरी मालिक मौके पर नहीं पहुंचे थे।
 
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