रोज शाम को गंगा आरती में भाग लेने वालों की नजर उन पर गई। गंगा विचार मंच के जिला संयोजक सौरभ सिंघल ने लोगों से बुजुर्ग के खाने-पीने व रहने का पूरा ध्यान रखने को कहा। उनके लिए गंगा तट पर एक कमरा खुलवा दिया गया।
लोगों ने कई बार उनसे मालूम किया कि वह कहां के रहने वाले है और परिजन उन्हें क्यों गंगा के तट पर छोड़ गए हैं। लेकिन उन्होंने कुछ नहीं बताया। पूछताछ करने पर उनकी आंखों में आंसू छलक आते थे। सौरभ सिंघल के मुताबिक चार दिन पहले उनकी तबियत खराब हुई।
उन्होंने बुजुर्ग को चिकित्सक को दिखाने को कहा तो उन्होंने इनकार कर दिया। बुधवार शाम उनकी मौत हो गई। गंगा बैराज पर रहने वाले लोग उलझन में पड़ गए। परिजनों के बारे में कुछ नहीं मालूम होने पर वे बुजुर्ग को गंगा में बहाने की तैयारी करने लगे।
सौरभ ने बैराज पर रहने वाली टीम से वृद्ध का अंतिम संस्कार करने को कहा। इसके बाद बैराज पर चाय की दुकान करने वाले उमेश पाल, सतेंद्र कुमार कश्यप ऋषिपाल, राजवीर सहित अन्य लोगों ने उनका अपने परिवार के सदस्य की तरह ही उनका अंतिम संस्कार किया। इस संबंध में पुलिस को भी जानकारी दी गई। वृद्ध की फोटो भी पुलिस को उपलब्ध कराई गई है।
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