मेरठ में सरूरपुर क्षेत्र के गांव जसड़ सुलताननगर में मिलावटी मिठाई बनाने का कारोबार बड़े पैमाने पर फल फूल रहा है। होली पर मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में बिना किसी डर के मिलावटी मिठाई बनाई जा रही हैं। खाद्य विभाग और पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से यहां बने रसगुल्लों, मिल्क केक को दिल्ली से देहरादून तक सप्लाई किया जा रहा है। शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
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मिलावटी मिठाइयां
- फोटो : अमर उजाला
जसड़ सुलताननगर के कई मोहल्लों में अवैध रूप से भट्ठियां चल रही हैं। देवली खेड़ा उर्फ जैनपुर, डाहर, गोटका, हर्रा, मुल्हैड़ा आदि गांवों में भी यह अवैध कारोबार बिना रोकटोक के चल रहा है। रसगुल्ले से लेकर मिल्क केक, डोडा बर्फी, कलाकंद जैसी मिठाई की यहां बड़ी मंडी है।
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मिल्क केक बनाने में सप्रेटा के साथ घटिया किस्म का रिफाइंड, नकली देशी घी, चमक लाने के लिए हाइड्रो व मिल्क पाउडर का जमकर इस्तेमाल हो रहा है। रसगुल्ले बनाने में दूध का छेना, घटिया किस्म की चीनी, रसगुल्ले को फुलाने के लिए नुकसानदेह अरारोट का जमकर इस्तेमाल किया जाता है। गंदगी के बीच होली के लिए कई क्विंटल मिलावटी मिठाई बनाकर रखी गई है।
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मिलावटी मिठाइयां
- फोटो : अमर उजाला
बच्चों से लिया जा रहा है काम
श्रम कानूनों को ताक पर रखकर महिलाओं और मासूम बच्चों से जमकर काम लिया जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा श्रम विभाग से शिकायत के बावजूद पुलिस-प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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- फोटो : अमर उजाला
दिन रात काम कर रहे कारीगर
होली पर डिमांड पूरी करने के लिए यहां कारीगर रात-दिन काम में जुटे हुए हैं। होली के नजदीक आते ही यहां मिठाइयों का कई क्विंटल स्टॉक रखा हुआ है। गंदगी के माहौल में ये मिठाइयां खुलेआम तैयार हो रही हैं।
भेजे जाएंगे सैंपल
मामला जानकारी में आया है। छापा मारकर रसगुल्लों और अन्य मिठाइयों के सैंपल लखनऊ जांच के लिए भेजे जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी। -अर्चना धीरान, अभिहित अधिकारी खाद्य विभाग