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UP: भूकंप जैसे झटके लगे, हिले मकान, धमाके से दहला इलाका; चश्मदीदों ने बताई पटाखा फैक्टरी में ब्लास्ट की कहानी

Sat, 25 Jul 2026 02:17 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर

सार

सहारनपुर के गंगोह के कुंडाबसी गांव स्थित पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट से इलाका दहल उठा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाका होते  ही ऐसा लगा जैसे भूकंप के झटके लगे, मकान हिलने लगा। धमाके की आवाज करीब पांच किलोमीटर दूर तक सुनाई दी।
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saharanpur firecracker factory blast - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
सहारनपुर में तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। ऐसा लगा जैसे भूकंप के झटके लग रहे हो। सोचा कि बिजलीघर में आग लग गई है कोई बड़ा ट्रांसफार्मर फट गया। विस्फोट की गूंज पांच किलोमीटर तक सुनाई दी। फैक्टरी के आसपास गांव में मकान की दीवारों में दरार तक आ गई। पूरा इलाका धमाके से दहल गया। इस हादसे के बाद प्रत्यक्षदर्शियों ने पूरा घटनाक्रम बयां किया।

शुक्रवार शाम कुंडाबसी स्थित पटाखा फैक्टरी में धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज करीब पांच किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। हादसे से करीब चार किलोमीटर दूर घर में बैठे दर्शन सिंह ने बताया कि सबकुछ सामान्य था। शाम करीब चार बजे तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। ऐसा लगा कि भूकंप आ गया है। जमीन तक कांप गई। मकान भी हिल गया था। लगा कि बिजलीघर में आग लग गई है और कई ट्रांसफार्मर एक साथ फट गए। बाद में पता चला कि पटाखा फैक्टरी में आग लग गई।
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सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका, मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रत्यक्षदर्शी और फैक्टरी में काम करने वाले मजदूर सूरज ने बताया कि हम लोग फैक्टरी के अलग हिस्से में काम कर रहे थे, जहां पर पटाखों का मसाला बनता है। फैक्टरी में स्थानीय लोग भी काम करते हैं। जिस समय धमाका हुआ, वह उस जगह से अलग थे। इसीलिए जान बच गई।
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सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मजदूर नितीश का कहना है कि एक सप्ताह से फैक्टरी में काम कर रहा हूं। दूसरी साइड में काम कर रहा था। जिस समय धमाका हुआ, उसे कुछ भी समझ नहीं आया कि किधर भागे। बाद में सड़क की तरफ भागकर जान बचाई। वहीं, धमाका इतना तेज हुआ था कि कुंडाबसी ही नहीं बल्कि आसपास के गांव में मकानों में दरारें आ गई थी। लोग घरों से बाहर निकल आए थे।

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सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका, तिरपाल के नीचे पटाखे - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
450 रुपये मिलती थी मजदूरी
फैक्टरी में काम करने वाले मजदूरों ने बताया कि प्रतिदिन की मजदूरी 450 रुपये मिलती है। अधिकांश मजदूर बाहर के रहने वाले है। इसलिए सभी फैक्टरी में ही रहते हैं। स्थानीय मजदूर काम निपटने के बाद घर चले जाते हैं।
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सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्व में यह हो चुकी है घटनाएं
- 26 अप्रैल 2026 को देवबंद के निहालखेड़ी गांव स्थित पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हुआ था। इसमें तीन लोगों की जान गई थी।
- सात मई 2022 को सरसावा के पास स्थित पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हुआ था। कई किलोमीटर दूर तक धमाके की आवाज सुनाई दी थी। इस हादसे में फैक्टरी मालिक समेत तीन से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
- वर्ष 2019 में थाना कुतुबशेर के चंद्र विहार काॅलोनी में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हुआ था। घर में ही पटाखा फैक्टरी चल रही थी। हादसे में एक महिला की मौत हो गई।
- वर्ष 2020 में बिहारीगढ़ के सतपुरा क्षेत्र में पटाखा फैक्टरी में धमाका हुआ था। धमाके में आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलसे थे। गुस्साए लोगों ने मालिक की कार भी तोड़ दी थी। इसी फैक्टरी में मई 2022 में भी धमाका हुआ था, जिसमें दो मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
- वर्ष 2019 में पुंवारका में फैक्टरी में विस्फोट हुआ था। धमाके में आधा दर्जन से अधिक मजदूर घायल हो गए थे। इनमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
- अगस्त 2023 में गागलहेड़ी क्षेत्र में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हो गया था। धमाके में एक मजदूर की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। रामपुर मनिहारान में भी वर्ष 2016 में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हुआ था।
 
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सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका, मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फुलझड़ी की चमक के पीछे बारूद का खेल
चौसाना से सटे कुंडाबसी गांव में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद शामली में भी पटाखा निर्माण को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले में फुलझड़ी बनाने के लिए 24 लाइसेंस जारी हैं, लेकिन आरोप है कि कई स्थानों पर फुलझड़ी की आड़ में प्रतिबंधित पटाखों का निर्माण किया जा रहा है। 
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सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका, तिरपाल के नीचे पटाखे - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिले में फुलझड़ी बनाने के लाइसेंस कांधला में सात, थानाभवन में 12 और गढ़ीपुख्ता में चार हैं। इसके अलावा अन्य लाइसेंस मिलाकर कुल 24 लाइसेंस है। एनसीआर में शामिल होने के कारण पटाखों पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद जिले में 40 से अधिक स्थानों पर अवैध रूप से पटाखे बनाए जाने का आरोप लगाया जा रहा है।

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सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका, मौके पर जांच के लिए पहुंची पुलिस टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उधर, जिलाधिकारी आलोक यादव ने कहा कि जिलेभर में अवैध पटाखा फैक्ट्रियों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। अवैध रूप से पटाखा निर्माण किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा।

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सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका, मौके पर पुलिस और भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गनीमत रही, चपेट में नहीं आया मदरसा
हादसा स्थल से करीब 60 मीटर की दूरी पर मदरसा स्थित है, जिसमें करीब 100 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। बच्चों ने बताया कि हादसे के समय वह कक्षा में पढ़ाई कर रहे थे। अचानक तेज धमाके की आवाज सुनकर सभी सहम गए और डर के कारण अंदर ही दुबक गए। गनीमत रही कि विस्फोट की आग और उसका असर मदरसे तक नहीं पहुंचा, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
 

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सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका, मौके पर पुलिस और भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पटाखा फैक्टरी में विस्फोट
यूपी के सहारनपुर के गंगोह-बिड़ौली मार्ग पर कुंडाबसी गांव में स्थित पटाखा फैक्टरी में शुक्रवार की शाम हुए भीषण विस्फोट में ठेकेदार दीपराज (23) और संदीप (25) की मौत हो गई। फैक्टरी में काम कर रहे दो मजदूर लापता हैं। धमाके की आवाज करीब पांच किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। फैक्टरी का मलबा और शवों के अवशेष लगभग 600 मीटर दूर तक बिखरे मिले। डीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

 

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लापता राहुल की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जानकारी के अनुसार, फैक्टरी के एक हिस्से में विस्फोट शाम करीब 4:30 बजे हुआ। उस समय आतिशबाजी के लिए बारूद का मिश्रण बनाया जा रहा था। दूसरी तरफ करीब 20 मजदूर काम कर रहे थे। विस्फोट होते ही मजदूरों में भगदड़ मच गई। बारूद का मिश्रण बना रहे ठेकेदार दीपराज व संदीप निवासी गांव बांझड थाना ढोढवा जिला खरगोन एमपी के चीथड़े उड़ गए। हाथ, पैर और सिर तक अलग हो गए।

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दीपराज की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कुछ अंग आसपास के पेड़ों पर लटके मिले। पुलिस टीम ने अंगों को इकट्ठा कराया। खरगोन के अकाश और खंडवा के राहुल लापता बताए जा रहे हैं। घटनास्थल पर मौजूद मजदूरों ने बताया कि हादसे के समय आकाश और राहुल भी मौजूद थे लेकिन उनका पता नहीं चल रहा है।
 

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लापता आकाश की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मौके पर पहुंचे डीएम अरविंद कुमार चौहान, एसएसपी अभिनंदन सिंह और मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रताप सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने विस्फोट की वजहों की जानकारी ली।

 

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संदीप की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गाजियाबाद के हसन पांच साल से इस जगह पर फैक्टरी चला रहे हैं। उनके पास साल 2028 तक का पटाखे बनाने का लाइसेंस है। फैक्टरी आबादी से करीब 300 मीटर दूर है। देर रात तक फैक्टरी मालिक मौके पर नहीं पहुंचे थे।
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सहारनपुर में पटाखा फैक्टरी में धमाका - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फैक्टरी में किन कारणों से विस्फोट हुआ इसकी जांच की जा रही है। दो ठेकेदारों के शव मिले हैं, जबकि दो मजदूर लापता बताए जा रहे हैं। फैक्टरी के पास 2028 तक पटाखा बनाने का लाइसेंस है।-अरविंद कुमार चौहान, डीएम
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