शहीद मेजर केतन की बहन मेघा
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बहन मेघा जमीन पर गिर पड़ी। किसी तरह पानी पिलाकर महिलाओं ने उसे उठाया तो बार-बार यही कहती रहीं कि मेरे भाई को लौटा दो। पिता बेटे का पार्थिव शरीर देखकर फूट-फूटकर रोते रहे। परिचितों और मिलने वालों को परिवार की हालत देखकर ये समझ नहीं आया कि आखिर हिम्मत बंधाएं तो कैसे बंधाएं, क्योंकि वे खुद गम में डूबे थे।