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मां की चीत्कार, पिता की पुकार के बीच शहीद बेटे को अंतिम विदाई, ऐसे गुजरे आंसू और सिसकियों के 26 घंटे

Wed, 19 Jun 2019 12:22 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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Major Ketan Sharma, मेजर केतन शर्मा - फोटो : अमर उजाला
शहीद मेजर केतन शर्मा के घर कोहराम मचा था। मां बिलखते हुए चिल्ला रही थी... मेरे शेर को बुला दो। जल्दी बुला दो। वे चुप होतीं तो बहन की रुलाई फूट पड़ती। कभी भाई के साथ रहे अफसरों से सवाल करती तो कभी बेसुध होकर गिर जाती। पत्नी का बुरा हाल था। 

पिता कभी घर के दरवाजे पर खड़े होकर आंसू बहाने लगते तो कभी आंखें बंद कर सोचने लगते कि अब क्या होगा। कैसे जी पाएंगे इकलौते लाल के बिना। सिसकियों और आंसुओं के ये करीब 26 घंटे इस परिवार को ताउम्र कभी न भरने वाला ऐसा जख्म दे गए जो रोजाना सालता रहेगा। रुलाता रहेगा। 
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मेजर केतन शर्मा की मां - फोटो : अमर उजाला
26 मई को ही केतन छुट्टी से ड्यूटी पर लौटे थे। 23 दिन बाद सोमवार दोपहर के करीब ढाई बजे तक कंकरखेड़ा के श्रद्धापुरी सेक्टर चार में रहने वाले रविंद्र कुमार शर्मा के घर में सब कुछ रोजाना की तरह था। अचानक एक अनजान नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने बताया कि वे केतन की यूनिट से बोल रहे हैं। बताया कि एक ऑपरेशन के दौरान केतन घायल हो गए हैं। शाम करीब 4:30 बजे मेरठ छावनी से सेना के अफसरों ने घर पहुंचकर रविंद्र शर्मा को नमस्ते की तो उनका दिल तेजी से धड़कने लगा। 
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मेजर केतन शर्मा के पिता - फोटो : अमर उजाला
...फफक पड़े पिता  
अफसरों ने हाथ जोड़कर बताया कि आपके बेटे मेजर केतन शर्मा देश के लिए शहीद हो गए हैं। यह सुनकर रविंद्र कुछ देर के लिए जड़ हो गए। खुद को संभाला और भारी मन से घर से बाहर निकले और फफक पड़े। सेना के अफसरों से आंसुओं के बीच कहा कि केतन की मां ऊषा बीमार है। उसे यह पता चल गया तो वह सहन नहीं कर पाएंगी। पड़ोस में रहने वाले बड़े भाई अशोक शर्मा और केतन की मौसी रिंपल शर्मा को जानकारी हुई तो कोहराम मच गया। 

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मेजर केतन मां ऊषा - फोटो : अमर उजाला
मां ने पूछा तो बताया कि केतन घायल हो गया। रात होते-होते सारी रिश्तेदारियों में ये मनहूस खबर पहुंच गई कि परिवार का इकलौता बेटा चला गया है। आधी रात को मेजर केतन की पत्नी इरा शर्मा दिल्ली मायके से और बहन मेघा बठिंडा (पंजाब) से घर पहुंचीं तो कोहराम मच गया। पत्नी और बहन मेघा बेसुध हो गईं। मां ऊषा का बुरा हाल हो गया। पिता ने किसी तरह आंसू रोके लेकिन बहू और बेटी की हालत देखकर वे आंसुओं के सैलाब को रोक न सके। 
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बेहोश हो गईं मां ऊषा - फोटो : अमर उजाला
बेटे का चेहरा  तो दिखा दो... 
पूरा दिन सिसकियों-चीत्कार में बीता। एक-एक पल परिवार पर किस तरह बीता, ये कोई नहीं बता सकता। न सोच सकता है। मंगलवार मध्याह्न करीब 3:10 बजे शहीद केतन का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो चीख पुकार मच गई। मां ऊषा चीख पड़ीं कि मेरे बेटे का चेहरा तो दिखा दो। बस एक बार दिखा दो। 
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शहीद मेजर केतन की बहन मेघा - फोटो : अमर उजाला
बहन मेघा जमीन पर गिर पड़ी। किसी तरह पानी पिलाकर महिलाओं ने उसे उठाया तो बार-बार यही कहती रहीं कि मेरे भाई को लौटा दो। पिता बेटे का पार्थिव शरीर देखकर फूट-फूटकर रोते रहे। परिचितों और मिलने वालों को परिवार की हालत देखकर ये समझ नहीं आया कि आखिर हिम्मत बंधाएं तो कैसे बंधाएं, क्योंकि वे खुद गम में डूबे थे।
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मुखाग्नि देते पिता - फोटो : अमर उजाला
...बेटा इस उम्र में धोखा दे गया
शाम करीब 5:53 बजे सूरजकुंड स्थित श्मशान घाट पर पिता ने इकलौते बेटे को मुखाग्नि दी तो हाहाकार मच गया। मां बेसुध होकर गिर पड़ीं। पत्नी और बहन के आंसुओं का सैलाब टूट पड़ा। बिलखते पिता को सब समझाते रहे कि आपका केतन देश के लिए शहीद हुआ है। उसे इतने लोग सलामी देने आए हैं। पिता रिश्तेदारों से गले लगकर रो पड़े। बोले, बेटा इस उम्र में धोखा दे गया।
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