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मेरठ कैंट में प्रवेश शुल्क वसूली ने जाम किया शहर, वाहन चालक हलकान, नहीं जागे जिम्मेदार

Sun, 08 Dec 2019 02:21 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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traffic jam - फोटो : अमर उजाला
मेरठ कैंट बोर्ड द्वारा शनिवार आधी रात 12 बजे से 11 जगहों पर तमाम अव्यवस्थाओं के बीच वाहन प्रवेश शुल्क वसूली शुरू कर दी गई। इससे पूरा शहर भीषण जाम की चपेट में आ गया। रविवार सुबह को भी माल रोड से लेकर आईआईएमटी कॉलेज तक भीषण जाम लगा हुआ है। खासकर रुड़की रोड और मवाना रोड पर कई किलोमीटर जाम लगने से हालात बेकाबू हो गए। 

अधिकांश जगह अराजकता के चलते टकराव शुरू हो गया। लेकिन कैंट बोर्ड से लेकर जिले का कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं जागा। नेशनल हाईवे पर ब्रेकर बनाकर और बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों को रोककर प्रवेश शुल्क वसूला गया। दोनों हाईवे पर बड़ी संख्या में वाहन गुजरने के बावजूद किसी अधिकारी ने नहीं सोचा कि रात को हालात किस कदर तक बिगड़ सकते हैं। रात दो बजे तक रुड़की रोड और मवाना रोड पर 4-5 किमी जाम लगा था। जिसके कारण दूसरे मार्गों पर भी ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ गई।
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traffic jam - फोटो : अमर उजाला
आम जनता से जुड़ा इतना गंभीर मुद्दा होते हुए भी कैंट बोर्ड और पुलिस-प्रशासन ने इस पर गंभीरता दिखाने की जरूरत नहीं समझी। जबकि सांसद राजेंद्र अग्रवाल और कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल भी स्पष्ट कर दिया था कि अगर दोनों हाईवे पर प्रवेश शुल्क वसूला गया तो हालात बिगड़ सकते हैं। सांसद ने यह मुद्दा संसद में उठाने की बात कही। लेकिन फिर भी लापरवाही बरती गई। 

पहले छह अब 11 स्थान हुए
कैंट में अब तक छह स्थानों बाउंड्री रोड, महताब सिनेमा, सरधना रोड, रेलवे रोड, रोहटा फाटक, आरए बाजार तोपखाना में ही कॉमर्शियल वाहनों से व्हीकल एंट्री शुल्क वसूला जाता था। शनिवार रात 12 बजे से 11 जगहों पर वाहन प्रवेश शुल्क की वसूली शुरू हो गई। पांच नई जगहों में रुड़की रोड पर लेखानगर के पास, मवाना रोड पर डेयरी फार्म के पास, दिल्ली रोड पर शहीद स्मारक जाने वाली रोड की तरफ, लाला मोहम्मदपुर और डिस्टलरी क्रॉसिंग कंकरखेड़ा शामिल हैं।

इस दौरान नई जगहों पर प्रवेश शुल्क लेने पर तमाम वाहन चालकों ने जब इसका कारण पूछा तो उनको बताया गया कि अब यहां भी कैंट में प्रवेश पर वाहन प्रवेश शुल्क देना होगा। कई कॉमर्शियल वाहन चालकों ने इसका तीखा विरोध किया। लेकिन उन्हें शुल्क देकर ही जाना पड़ा। रुड़की रोड और मवाना रोड के रखरखाव की जिम्मेदारी एनएचएआई के पास होने की बात कहकर ट्रांसपोर्टर विरोध कर रहे हैं।
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traffic jam - फोटो : अमर उजाला
फैज ए आम पर भी आधी रात बाद जाम
जब आधी रात को रुड़की और मवाना रोड पर 4-5 किमी जाम लगा तो दिन में क्या हाल होगा। कैंट बोर्ड द्वारा शहर के बीच फैज-ए-आम कॉलेज के सामने भी प्रवेश शुल्क लिया जा रहा है। महताब तिराहे से रोडवेज और बेगमपुल तक आने के लिए प्रवेश शुल्क देना होगा। फैज-ए-आम पर भी आधी रात बाद जाम लगा रहा। महताब से केसरगंज, घंटाघर चौराहा, ईदगाह और मेट्रो प्लाजा तक आम दिनों में भी जाम रहता है। अब प्रवेश शुल्क के लिए जब वाहनों को रोका जाएगा तो हालात और खराब होंगे। शहर में प्रवेश करते ही लगा ये जाम शहर के ट्रैफिक की चाल भी बिगाड़ेगा।

ये हैं वाहन प्रवेश शुल्क की नई दरें 
 थ्री व्हीलर, ऑटो रिक्शा : 10 
 लाइट कॉमर्शियल चार पहिया वाहन : 50 
 ट्रक-बस : 100
 क्रेन और अन्य भारी वाहन: 350

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traffic jam - फोटो : अमर उजाला
उद्घाटन में नहीं पहुंचे बोर्ड अध्यक्ष, उपाध्यक्ष  
मवाना रोड पर शनिवार सुबह दस बजे हवन करके प्रवेश शुल्क के नए ठेके का शुभारंभ हो गया। उद्घाटन में छावनी परिषद के अध्यक्ष नहीं पहुंचे। भाजपा के सांसद राजेंद्र अग्रवाल और विधायक सत्य प्रकाश अग्रवाल द्वारा रुड़की और मवाना रोड पर शुल्क वसूली का विरोध किए जाने के बाद छावनी परिषद के उपाध्यक्ष विपिन सोढ़ी भी शुभारंभ में नहीं पहुंचे। 

धरने पर बैठेंगे ट्रांसपोर्टर   
गंगानगर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शनिवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम से मुलाकात की। उन्होंने शिकायत की कि मवाना रोड और रुड़की रोड का रखरखाव एनएचएआई करता है। यह मेरठ-पौड़ी राजमार्ग 119 है। ऐसे में इस पर कैंट बोर्ड वाहन प्रवेश शुल्क कैसे ले सकता है। उन्होंने कहा कि इस पर वह संज्ञान लें। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो वह सोमवार से धरने पर बैठेंगे। 
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traffic jam - फोटो : अमर उजाला
बस राजस्व की चिंता
कैंट बोर्ड को भी केवल अपना राजस्व बढ़ाने की चिंता है। एंट्री फीस बढ़ाने के नाम पर जनता को कोई राहत नहीं दी गई। बोर्ड का राजस्व इस फैसले से सालाना 4.30 करोड़ रुपये से बढ़कर 15.40 करोड़ रुपये हो जाएगा। रुड़की रोड और मवाना रोड के अलावा शहर के अन्य प्वाइंटों पर रोजाना जो भीषण जाम लगेगा, उसकी कोई चिंता नहीं है।

असमंजस में वाहन चालक 
रुड़की और मवाना रोड पर रात को भारी वाहनों का काफी दबाव रहता है। अब तक इन जगहों पर कोई ब्रेकर नहीं था। ऐसे में यहां पर शुल्क वसूली किए जाने से दूसरे वाहन चालक भी असमंजस में रहे। एडवोकेट मनीष सिंह का कहना है कि यह नियमों का उल्लंघन है।
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