traffic jam
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आम जनता से जुड़ा इतना गंभीर मुद्दा होते हुए भी कैंट बोर्ड और पुलिस-प्रशासन ने इस पर गंभीरता दिखाने की जरूरत नहीं समझी। जबकि सांसद राजेंद्र अग्रवाल और कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल भी स्पष्ट कर दिया था कि अगर दोनों हाईवे पर प्रवेश शुल्क वसूला गया तो हालात बिगड़ सकते हैं। सांसद ने यह मुद्दा संसद में उठाने की बात कही। लेकिन फिर भी लापरवाही बरती गई।
पहले छह अब 11 स्थान हुए
कैंट में अब तक छह स्थानों बाउंड्री रोड, महताब सिनेमा, सरधना रोड, रेलवे रोड, रोहटा फाटक, आरए बाजार तोपखाना में ही कॉमर्शियल वाहनों से व्हीकल एंट्री शुल्क वसूला जाता था। शनिवार रात 12 बजे से 11 जगहों पर वाहन प्रवेश शुल्क की वसूली शुरू हो गई। पांच नई जगहों में रुड़की रोड पर लेखानगर के पास, मवाना रोड पर डेयरी फार्म के पास, दिल्ली रोड पर शहीद स्मारक जाने वाली रोड की तरफ, लाला मोहम्मदपुर और डिस्टलरी क्रॉसिंग कंकरखेड़ा शामिल हैं।
इस दौरान नई जगहों पर प्रवेश शुल्क लेने पर तमाम वाहन चालकों ने जब इसका कारण पूछा तो उनको बताया गया कि अब यहां भी कैंट में प्रवेश पर वाहन प्रवेश शुल्क देना होगा। कई कॉमर्शियल वाहन चालकों ने इसका तीखा विरोध किया। लेकिन उन्हें शुल्क देकर ही जाना पड़ा। रुड़की रोड और मवाना रोड के रखरखाव की जिम्मेदारी एनएचएआई के पास होने की बात कहकर ट्रांसपोर्टर विरोध कर रहे हैं।