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हार पर घमासान: भाजपा व गठबंधन, दोनों में भितरघात, पराजय के बाद कारण खोज रहे परास्त सूरमा  

Sat, 12 Mar 2022 12:55 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
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गांव कलीना में कार्यकर्ताओं की बैठक लेते भाजपा जिलाध्यक्ष विमल शर्मा। संवाद - फोटो : अमर उजाला
जो जीता वही सिकंदर। जो जीत नहीं पाए वो हार के कारण खोज रहे हैं। इसी तलाश में भितरघात, घर का भेदी लंका ढाए जैसे शब्द गूंज रहे हैं। भाजपा और गठबंधन के परास्त सूरमा समर्थकों और पार्टी नेतृत्व को बताने में लगे हैं कि अगर पार्टी के कुछ स्थानीय नेताओं ने थोड़ी ताकत लगाई होती तो बात बन जाती...

मनिंदर को अपनों ने हराया हाईकमान को जाएगी रिपोर्ट 
मेरठ के सिवालखास में भाजपा प्रत्याशी मनिंदरपाल की हार का बड़ा कारण भितरघात के रूप में सामने आ रहा है। शुक्रवार को जिलाध्यक्ष विमल शर्मा को कलीना गांव में हुई बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं ने यह सवाल उठाया है। 

बड़ा सवाल यह है कि भितरघात करने वाले जिम्मेदार पदाधिकारी हैं। इस पर जिलाध्यक्ष विमल शर्मा ने कार्यकर्ताओं से कहा कि ऐसे लोगों की रिपोर्ट संगठन को दी जा रही है। इन सभी पर कार्रवाई होगी।

यह भी पढ़ें: मेरठ: कांग्रेस की प्रत्याशी अर्चना गौतम के बिगड़े बोल- मोदी, योगी गुंडों की तरह, मैं भी बनूंगी गुंडी
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मनिंदरपाल सिंह - फोटो : amar ujala
सिवालखास विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी मनिंदरपाल सिंह 9182 मतों के अंतर से चुनाव हार गए हैं। शुक्रवार को चुनाव में कार्यकर्ताओं के सहयोग का आभार प्रकट करने के लिए मनिंदरपाल सिंह के कलीना गांव स्थित कार्यालय पर बैठक हुई। बैठक में कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के चलते प्रत्याशी को हराने के लिए काम किया। उन्होंने पार्टी प्रत्याशी के विरुद्ध प्रचार भी किया। इनमें कई पदाधिकारियों पर पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी है।

यहां पहुंचे जिलाध्यक्ष विमल शर्मा ने कहा कि उनके पास सिवालखास एवं अन्य सीटों पर पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ काम करने वाले कार्यकर्ताओं की पूरी जानकारी है। इसकी रिपोर्ट बनाकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को कार्रवाई के लिए भेजी जा रही है। उन्होंने बताया कि मनिंदरपाल सिंह भले ही चुनाव नहीं जीत पाए हों लेकिन क्षेत्र की जनता के साथ ये विधायक की तरह रहेंगे। सरकार में उनकी बात पहुंचाने का काम करेंगे। मनिंदरपाल ने कहा कि लोगों ने चुनाव में उनका बहुत सहयोग किया है, वह उनके सुख-दुख में साथ रहेंगे।
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कार्यकर्ताओं को संबोधित करते किठौर से भाजपा प्रत्याशी सत्यवीर त्यागी। संवाद - फोटो : अमर उजाला
अफसरों ने 20 हजार वोट काटकर हरवाया : सत्यवीर 
मेरठ किठौर सीट से भाजपा प्रत्याशी सत्यवीर त्यागी ने प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची प्रकाशन के बाद से ही विधानसभा क्षेत्र में अधिकारी साजिश रच रहे थे। उन्होंने मतदाता सूची से लगभग 15-20 हजार वोट काटने के आरोप बीएलओ, बीडीओ पर लगाए हैं। इस मामले में उन्होंने मनरेगा मामले में जेल में बंद जिला विकास अधिकारी दिग्विजय नाथ तिवारी का भी नाम लिया है। सपा प्रत्याशी शाहिद मंजूर से सत्यवीर त्यागी 2180 वोट के करीबी अंतर से हार गए। 

गढ़ रोड स्थित सत्यवीर त्यागी के आवास पर कार्यकर्ताओं और किठौर विधानसभा क्षेत्रवासियों का जमावड़ा लगा रहा। सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि भले ही हम चुनाव हार गए हैं। लेकिन अपने कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों पर किसी भी प्रकार की आंच नहीं आने देंगे। उन्होंने कहा सरकार के शपथ ग्रहण के बाद इस मामले की शिकायत भी उच्च स्तर तक की जाएगी। जिलाध्यक्ष विमल शर्मा ने कहा कि अब प्रशासन के साथ भी सख्ती से पेश आना होगा। हमारे कार्यकर्ताओं को किसी भी तरह की कोई दिक्कत किठौर विधानसभा में नहीं होगी। सत्यवीर त्यागी ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने दिन-रात मेहनत की। क्षेत्रवासियों ने प्यार दिया। 

उन्होने एक लाख से अधिक वोट देकर भाजपा को मजबूत किया है। उन्होंने क्षेत्रवासियों को भरोसा दिलाया कि हमेशा वह क्षेत्र में रहकर आगे भी सेवा करने के लिए तैयार हैं। सत्यवीर ने कहा कि मैंने इस संबंध में कमिश्नर सुरेंद्र सिंह और जिलाधिकारी के.बालाजी से शिकायत की थी। लेकिन किसी भी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। वह चुनाव आयोग तक जाएंगे।

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योगेश वर्मा। - फोटो : amar ujala
घर के भेदी ने ढहाई लंका : योगेश वर्मा 
हस्तिनापुर विधानसभा सीट से सपा प्रत्याशी योगेश वर्मा एक लाख 275 वोट पाकर भी हार गए। उन्होंने शुक्रवार को दोपहर करीब 2:00 बजे फेसबुक लाइव कर अपना दर्द बयां किया। उन्होंने हार का ठीकरा इशारों-इशारों में पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि पर फोड़ते हुए कहा कि घर के भेदी ने लंका ढहाई है। 

उन्होंने कहा चुनाव नहीं, किस्मत हारी है। समर्थक मायूस हैं, परेशान हैं, फोन कर रहे हैं, रो रहे हैं।  उनका परेशान होना भी लाजमी है, क्योंकि उन्होंने दिल से चुनाव लड़ाया। बहुत मेहनत की। एक लाख से ज्यादा वोट दिया है। वर्मा ने कहा कि यह मेरा परिवार है, सभी का धन्यवाद। किसी को यह डर हो कि कोई अब परेशान करेगा, तो सभी के साथ हमेशा खड़ा रहूंगा, घबराने की जरूरत नहीं है।

आगे कहा कि घर का भेदी लंका ढाए, वाली बात हुई है। कुछ नेता सत्ता में रहकर मंत्री बन जाते हैं, मौज मस्ती करते हैं, और फिर पार्टी में रहकर दूसरे को चुनाव लड़वाते हैं। इसकी शिकायत सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से की जाएगी। वह कार्रवाई करते हैं या नहीं, यह उन्हें तय करना है, लेकिन उन्हें जरूर बताऊंगा। हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। इशारों इशारों में अपनी बात कही। चुनाव में आमने-सामने की टक्कर थी, बाकी कोई भी पार्टी के प्रत्याशी की मजबूती से चुनाव नहीं लड़े, इसका फर्क पड़ा।
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प्रभुदयाल वाल्मीकि - फोटो : अमर उजाला
पार्टी का वफादार सिपाही हूं : प्रभुदयाल वाल्मीकि
पूर्व मंत्री और सपा नेता प्रभुदयाल वाल्मीकि ने कहा कि वह पार्टी के वफादार सिपाही हैं। हस्तिनापुर और किठौर सीट पर जहां भी प्रचार के लिए भेजा, वहां गए। योगेश वर्मा की हार का दुख है। वह क्यों आरोप लगा रहे हैं इस बारे में कुछ नही कहा जा सकता। 
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