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UP: आखिर काैन हैं मेरठ के गुप्ता बंधु? आइस फैक्टरी से रियल एस्टेट कंपनी बनाने तक, अरबपतियों में होती है गिनती

Sat, 21 Sep 2024 12:32 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ के गुप्ता बंधु - फोटो : अमर उजाला
नोएडा की रियल एस्टेट कंपनी हैसिंडा के साझेदार शारदा एक्सपोर्ट के मालिक आदित्य गुप्ता और आशीष गुप्ता के मेरठ के साकेत स्थित आवास पर छापा मारकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 32.1 करोड़ के हीरे और सोने के आभूषण बरामद किए।

ईडी द्वारा इस प्रोजेक्ट से जुड़े पूर्व आईएएस मोहिंदर सिंह, गुप्ता बंधुओं सहित कई लोगों के ठिकानों पर छापा मारा था। अब ईडी गुप्ता बंधुओं के परिवार व रिश्तेदारों की संपत्ति का ब्योरा जुटा रही है।
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आदित्य गुप्ता दाएं, मोहिंदर सिंह बांए ऊपर - फोटो : अमर उजाला
पूर्व आईएएस मोहिंदर सिंह की मिलीभगत से हैसिंडा के निदेशकों ने अपने प्रोजेक्ट में निवेश करने वाले लोगों के साथ 426 करोड़ रुपये का गबन किया। इसमें गुप्ता बंधु, सुरप्रीत सिंह सूरी, विदुर भारद्वाज, निर्मल सिंह भी शामिल हैं।

मोहिंदर सिंह, गुप्ता बंधु सहित अन्य ने मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए हीरे, सोने के आभूषण व निजी संपत्तियों में निवेश किया है। ईडी ने खुलासा किया कि आदित्य गुप्ता के घर से 25 करोड़ के हीरे व सोने के आभूषण मिले हैं, जबकि आशीष गुप्ता के घर 7.1 करोड़ रुपये के हीरे बरामद हुए।
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पूर्व आईएएस मोहिंदर सिंह व आदित्य गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
शारदा एक्सपोर्ट ग्रुप से जुड़ी शकुंतला हैबिटेट्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से अगस्त 2024 में डिफेंस कॉलोनी और रक्षापुरम स्थित एडब्ल्यूएचओ कॉलोनी से सटी प्राइम लोकेशन पर 91 करोड़ की जमीन मेरठ विकास प्राधिकरण से बोली लगाकर खरीदी है। जिसमें ग्रुप हाउसिंग बनाने की तैयारी चल रही है। शकुंतला हैबिटेट्स प्रा.लि. के डायरेक्टर जितेंद्र कुमार गुप्ता, पल्लवी गुप्ता हैं, जोकि गुप्ता बंधुओं के परिवार के सदस्य हैं। ईडी ने इसकी भी पड़ताल शुरू कर दी। 

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ईडी की टीम मेरठ में - फोटो : अमर उजाला
आइस फैक्टरी से रियल एस्टेट तक सफर, अरबपति बने गुप्ता बंधु
शारदा एक्सपोर्ट के मालिक आदित्य गुप्ता और आशीष गुप्ता के पास मेरठ और दूसरे जनपदों में ही अरबों की संपत्ति है। 1983 में आदित्य गुप्ता ने अपने औद्योगिक सफर की शुरुआत की। इसके बाद फर्नीचर, रियल एस्टेट कारोबार से जुड़कर दिल्ली और नोएडा में भी करोड़ों की संपत्ति खरीदी।

साकेत निवासी आदित्य गुप्ता और आशीष गुप्ता के पिता जितेंद्र गुप्ता सहित उनके परिजनों की रेलवे रोड पर आइस फैक्टरी और कोल्ड स्टोरेज है। 1983 में शारदा एक्सपोर्ट की स्थापना की गई।

आदित्य गुप्ता ने मेरठ कारपेट के कारोबार को संभाला और आशीष ने नोएडा में द फर्नीचर रिपब्लिक के कारोबार को आगे बढ़ाया। 1983 से 2014 के बीच रिठानी में एक और कारपेट फैक्टरी खोली गई। दिल्ली, नोएडा में शोरूम खोले गए। द रग रिपब्लिक की भी स्थापना की गई। नोएडा में एक्सपोर्ट शोरूम खोला गया।
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ईडी की कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला
एक ही हीरे की कीमत 5.26 करोड़ 
मोहिंदर सिंह के आवास से 5.26 करोड़ रुपये का सॉलिटियर हीरा बरामद किया गया है। मंगलवार को दिल्ली, नोएडा, मेरठ, चंडीगढ़ और गोवा के 12 ठिकानों पर बरामद कुल 42.56 करोड़ रुपये की नकदी, हीरे, आभूषण, करोड़ों रुपये कीमत की संपत्तियों के दस्तावेज जब्त करने बताए हैं। ईडी की जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली। बताया गया कि पूर्व आईएएस मोहिंदर सिंह, आदित्य गुप्ता, आशीष गुप्ता, सुरप्रीत सिंह सूरी, विदुर भारद्वाज व निर्मल सिंह से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच शुरू हो गई है।
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शारदा ग्रुप आवास - फोटो : अमर उजाला
प्राथमिक जांच में सामने आया कि शारदा एक्सपोर्ट के मालिकों की अरबों रुपये की संपत्ति है। हीरे कब खरीदे हैं, इसको लेकर ईडी गुप्ता बंधुओं से पूछताछ कर सकती है। जांच में सामने आया कि मोहिंदर सिंह ने बेशकीमती हीरे दिल्ली के पीसी ज्वेलर्स से खरीदे थे।

पूछताछ में बताया कि पीसी ज्वेलर्स के संचालकों से करीब 30 वर्ष से मित्रता है। उनके पास नकदी ज्यादा होने की वजह से हीरे में निवेश किया था। ईडी को उनके आवास से 35 हीरो के सर्टिफिकेट भी मिले हैं, हालांकि हीरे बरामद नहीं हुए। अधिकारियों को शक है कि कुछ दिन पहले मोहिंदर की पत्नी इन हीरो को साथ लेकर अमेरिका शिफ्ट हो गई हैं।

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शारदा ग्रुप की फैक्टरी - फोटो : अमर उजाला
निवेशकों को नहीं दिए फ्लैट
हैसिंडा ने निवेशकों से रकम लेने के बाद भी उनको फ्लैट नहीं दिए थे। जिसके बाद कई निवेशकों ने मुकदमे दर्ज करा दिए। तत्पश्चात इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ईडी को पूरे प्रकरण की जांच करने का आदेश दिया था।

ईडी ने कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ मनी लांड्रिंग का केस दर्ज करने के बाद बीते मंगलवार को छापे मारे थे, जिसमें 42.56 करोड़ रुपये की नकदी व आभूषण और करोड़ों रुपये कीमत की संपत्तियों के दस्तावेज जब्त किए हैं।

इसके अलावा, निवेशकों के पैसे की हेराफेरी और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज एवं इलेक्ट्रानिक साक्ष्य भी उनके कार्यालय और आवासीय परिसर से बरामद किए हैं। ईडी इस मामले में आगे की जांच कर रही है।
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