बिहार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री फिरोज उर्फ खुर्शीद के राम और रहीम की इबादत करने वाले बयान पर इमरात-ए-शरीया के मुफ्तियों द्वारा जारी फतवे का देवबंदी उलमा ने समर्थन किया है। उनका कहना है कि अल्लाह के सिवाए किसी और की पूजा (इबादत) नहीं की जा सकती।
बिहार में नीतीश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण एवं गन्ना मंत्री बने फिरोज उर्फ खुर्शीद के बयान पर विश्वविख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने कहा कि दारुल उलूम सियासी मामलात में किसी भी प्रकार की दखलंदाजी को बेहतर नहीं समझता।
उन्होंने कहा कि इस्लाम मजहब की बुनियाद उसूलों पर कायम है। बिहार की इमारत-ए-शरीया ने जो फतवा दिया है। वो एकदम सही है। इसलिए इस पर सही और गलत को लेकर किसी भी प्रकार की चर्चा करना दुरुस्त नहीं है।