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निकलें जरा बचकर: यहां सड़कों पर दौड़ते हैं हादसों के जुगाड़, यकीं नहीं तो डालें तस्वीरों पर नजर

Wed, 24 Apr 2019 05:16 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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इन्हें नहीं किसी की परवाह - फोटो : अमर उजाला
रोजाना जाम से जूझने वाले शहर को पिछले पांच वर्षों से ट्रैफिक मास्टर प्लान का इंतजार है। इन दस सालों में यदि कोई प्लान बना भी होगा तो वह कागजों में ही बना होगा और हवा में ही लागू हुआ होगा क्योंकि शहर में ट्रैफिक बिना प्लान के ही दौड़ रहा है। आगे तस्वीरें देखकर आप भी कह उठेंगें इन्हें नहीं किसी की परवाह: -

 
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ये दोनों तो बात भी कर रहे हैं और सामने भी नहीं देख रहे। - फोटो : अमर उजाला
शहर की सड़कें अवैध कट के कारण जाम से घिरी रहती हैं। वहीं, सड़कों पर दौड़ते ये हादसों के जुगाड़ भी कम खतरनाक नहीं हैं। दिल्ली रोड, हापुड़ रोड से लेकर छोटी गलियों तक इस तरह के जुगाड़ नजर आते हैं। क्विंटल वजनी लोहे के सरिये, एंगल और गार्टर से लदे ये जुगाड़ फर्राटा भरते हैं। 

 
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टंकी हो या पाइप, सब घर पहुंच जाएगा, जुगाड़ है न - फोटो : अमर उजाला
हर दिन ये वाहन दिल्ली रोड समेत शहर की कई सड़कों पर धड़ल्ले से बेरोकटोक चलते नजर आ जाते हैं। इन्हें चलाने वालों के जेहन में न तो पुलिस का डर है और न ही सड़कों पर चलने वाले अन्य लोगों की चिंता। सड़कों पर दौड़ते इस खतरे को पुलिसकर्मी देखकर भी नजरअंदाज कर देते हैं। 

 

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एक ट्रैक्टर दो ट्रॉली का जुगाड़, अब मोड़ने के लिए जगह भी चाहिए। नियमों की किसे परवाह। - फोटो : अमर उजाला
इस शहर के लोग बेपरवाह से हो गए हैं। जाम में जब फंसते हैं तो खुद को छोड़कर बाकी सभी लोगों को इसका दोषी मानते हैं। जब जिसका जहां जी चाहा, वहीं अपना वाहन मोड़ दिया। कोई मतलब नहीं कि वाहन रांग साइड है या अवैध कट से निकल रहा है। 
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इससे तो ऐसे ही लोग दस फीट दूर चलेंगे। कौन अपनी जान जोखिम में
किसी को इसकी परवाह नहीं है कि उनके नियम तोड़ने के कारण जाम लग रहा है और लोग परेशान हो रहे हैं। हापुड़ रोड से लेकर दिल्ली रोड तक रॉन्ग साइड और अवैध कट से निकलने वाले वाहनों के कारण यही हाल है। लेकिन ट्रैफिक पुलिस मौन खड़ी रहकर केवल तमाशा देखती रहती है। जाम लगता है तो लगे, उसकी बला से...।

 
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इतना भारी वजन इस मामूली से जुगाड़ के भरोसे। - फोटो : अमर उजाला
सिस्टम ही इतना बेपरवाह है कि जिसका जिस रास्ते से मन करता है या जिसे जहां जगह मिलती है, वह अपने वाहन को उसी दिशा में मोड़ देता है। भले ही वह रांग साइड हो या सामने से आ रहे ट्रैफिक के रास्ते को ब्लॉक कर रहा हो। यही नहीं नो एंट्री में दिन में ही दिल्ली रोड पर भारी वाहन दौड़ रहे हैं तो टीपी नगर गेट से नवीन मंडी के बीच रांग साइड ट्रैफिक से हादसे की संभावना बनी रहती है।


 
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मुख्य बाजारों से इस तरह भारी वाहनों का खुलेआम निकलना खतरे से खाली नहीं है। - फोटो : अमर उजाला
कहीं नहीं वनवे व्यवस्था
शहर में मोदीपुरम से लेकर परतापुर तक कहीं भी वनवे ट्रैफिक व्यवस्था नहीं है। सदर बाजार, लालकुर्ती, वैली बाजार, खैर नगर, हापुड़ अड्डा, छीपी टैंक, बच्चा पार्क, कचहरी पुल, पीएल शर्मा रोड ये ऐसे स्थान हैं, जहां रोजाना जाम लगता है। इसका कारण तंग रास्ते, उस पर भी सड़कों के किनारे अतिक्रमण और दोनों ओर से दोपहिया और चौपहिया वाहनों का एक साथ निकलना है। 
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यह तो यहां हर दिन का नजारा है। - फोटो : अमर उजाला
करीब नौ साल पहले एसपी ट्रैफिक रहे सुधीर कुमार सिंह ने पहले चरण में छीपी टैंक और पीएल शर्मा रोड पर वनवे व्यवस्था लागू की थी। दूसरे चरण में शहर के घने बाजारों में यह व्यवस्था लागू करने का प्लान था। कुछ दिन यह व्यवस्था सफलतापूर्वक चली। लेकिन बाद में सिस्टम के बेपरवाह होते ही फिर पटरी से उतर गई।

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