अस्पताल में घायल युवक
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मनोज गुर्जर का विवादों से पुराना नाता है। मनोज पर गांव में हुए मारपीट, तोड़फोड़ व फायरिंग के मामले में करीब चार बार थाने में केस दर्ज हुआ। एससी/एसटी एक्ट में भी कार्रवाई हुई, लेकिन वह कभी जेल नहीं गया। आरोप है कि पुलिस ने हर बार सांठगांठ कर मामले को रफा दफा कर दिया। सपा के एक पूर्व विधायक से भी उसकी नजदीकी थी। दो साल पूर्व मनोज को सपा का पदाधिकारी भी बनाया गया था। गांव में उसके लिए सपा कार्यालय भी खुलवाया था, जिसका उद्घाटन सपा विधायक ने ही किया था।