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Pics: दलित युवक को गोलियों से भून डाला, भारत बंद पर इसी गांव से उठी थी चिंगारी, शहर में तनाव

Fri, 06 Apr 2018 08:30 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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घटना की जानकारी लेती एसएसपी मंजिल सैनी - फोटो : अमर उजाला
वेस्ट यूपी के मेरठ शहर में फिर से माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। यहां एक दलित युवक की सरेआम गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। इस घटना से शहर में तनाव फैल गया। क्योंकि यह घटना उसी गांव (शोभापुर) की है जहां से दो अप्रैल को भारत बंद पर हिंसा ने विकराल रूप लिया था। जानिए पूरा मामला...
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विलाप करते महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि गोपीचंद पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या करने के बाद मेरठ शहर में फिर माहौल गर्मा गया है। बृहस्पतिवार को किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो, इसको लेकर एसएसपी ने देर रात बैठक की। एसएसपी ने पुलिस का स्पेशल दस्ता बनाया है। ये दस्ता देहात में सादी वर्दी में गांव में तैनात कर दिया गया है।
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परिजनों से जानकारी लेती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
पुलिस का मानना है कि गोपीचंद की हत्या को लेकर लोग बवाल करने की कोशिश कर सकते हैं। बुधवार आधी रात को सांसद व विधायकों से बात करके पुलिस ने शोभापुर गांव को छावनी में तब्दील कर दिया है। नामजद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कराने में पुलिस ने एक जनप्रतिनिधि से भी सहयोग मांगा है। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर लोगों का गुस्सा फूट सकता है।

शोभापुर से उठी थी चिंगारी 

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गांव में पुलिसफोर्स तैनात - फोटो : अमर उजाला
सोमवार को बवाल की चिंगारी शोभापुर गांव से ही उठी थी। उपद्रवियों ने शुरूआत में शोभापुर पुलिस चौकी को फूंका था। जिसके चलते शोभापुर गांव के लोग पुलिस ने सबसे ज्यादा नामजद किये थे। पुलिस उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई कर रही है, इसका मेसेज पूरे शहर में है। माहौल लगभग शांत हो चुका था, लेकिन बुधवार को गोपीचंद की हत्या के बाद माहौल फिर बदल गया।
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हर चौखट पर पुलिस होगी

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पुलिसफोर्स के साथ गांव में पहुंची एसएसपी - फोटो : अमर उजाला
बुधवार देर रात गोपीचंद के शव का पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया चल रही थी। पुलिस का मानना है कि सुबह लोगों की भीड़ उमडे़गी। इसको देखते बृहस्पतिवार सुबह शोभापुर गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। रात में आरएएफ, पीएसी और भारी पुलिस फोर्स ने शोभापुर गांव को छावनी में तब्दील कर दिया।
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बाहरी गांव के लोग नहीं आए

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पुलिस ने दो को हिरासत में लिया - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी ने बताया कि कंकरखेड़ा बाईपास से सटा शोभापुर गांव है। कुछ लोग गोपीचंद की मौत की खबर को मुद्दा बनाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। इसको देखते हुए पुलिस ने गांव के आने जाने वाले रास्तों पर भी पुलिस लगाई है। निर्देश है कि खासतौर पर राजनीतिक लोगों को शोभापुर गांव में आने से रोका जाए।
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थानेदारों की लगाई ड्यूटी 

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गांव में पुलिसफोर्स तैनात - फोटो : अमर उजाला
बुधवार आधी रात को एसएसपी ने पुलिस की मीटिंग बुलाई। निर्देश दिए कि थानेदार कंकरखेड़ा बाईपास पर पुलिस फोर्स लेकर सुबह सात बजे तैनात होंगे। पुलिस की एक टीम रात में गोपीचंद का पोस्टमार्टम कराने में लगी है। ताकि शांति पूर्वक शव का अंतिम संस्कार हो सके।

यह था असली विवाद 

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घटना की जानकारी लेती एसएसपी मंजिल सैनी - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी ने बताया कि करीब दो साल पहले मनोज जबरन लोगों को होली पर रंग लगा रहा था। इसी दौरान गोपीचंद से उसका विवाद हो गया था। मनोज खुद को सपा का कार्यकर्ता बताता था। अब मनोज भाजपा के एक जनप्रतिनिधि का करीबी था। दोनों तरफ से थाने में केस दर्ज हुआ था। ग्रामीणों ने इस मामले में दोनों पक्षों में समझौता करा दिया था। बावजूद इसके दोनों पक्षों में रंजिश थी। सोमवार को बवाल में मनोज ने गोपीचंद का नाम लिखवा दिया।

मनोज ने बुलाकर मारा मेरा बेटा

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परिजनों से घटना की जानकारी लेती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
गोपीचंद के मौत की खबर सुनते ही ताराचंद के परिवार में कोहराम मच गया। ताराचंद ने बताया कि मनोज शातिर अपराधी है। पुलिस से उसकी सेटिंग है। मनोज ने मेरे बेटे को बुलाकर मार डाला। गोपीचंद के दो बच्चे है। वह घर पर ही स्पोर्ट्स का सामान बनाकर अपने परिवार का पेट पाल रहा था। गोपी का छोटा भाई प्रशांत नोएडा में होटल मेनजेमेंट का कोर्स कर रहा है। मनोज ने उपद्रव में गोपीचंद का नाम जानबूझकर लिखवाया और उसकी हत्या कर दी।

सपा पदाधिकारी भी रह चुका है मनोज

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अस्पताल में घायल युवक - फोटो : अमर उजाला
मनोज गुर्जर का विवादों से पुराना नाता है। मनोज पर गांव में हुए मारपीट, तोड़फोड़ व फायरिंग के मामले में करीब चार बार थाने में केस दर्ज हुआ। एससी/एसटी एक्ट में भी कार्रवाई हुई, लेकिन वह कभी जेल नहीं गया। आरोप है कि पुलिस ने हर बार सांठगांठ कर मामले को रफा दफा कर दिया। सपा के एक पूर्व विधायक से भी उसकी नजदीकी थी। दो साल पूर्व मनोज को सपा का पदाधिकारी भी बनाया गया था। गांव में उसके लिए सपा कार्यालय भी खुलवाया था, जिसका उद्घाटन सपा विधायक ने ही किया था। 
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महिलाओं ने की एसएसपी से सुरक्षा की मांग

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परिवार के साथ गोपीचंद (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
वहीं घटना के बाद गांव में पहुंची एसएसपी मंजिल सैनी से गांव की दलित महिलाओं ने बताया कि जब से दलितों ने उग्र आंदोलन किया है। तब से गांव का माहौल ठीक नहीं है। रंजिशन बहुत से निर्दोष लोगों को बेवजह फंसाया जा रहा है।  महिलाओं ने एसएसपी से हाथ जोड़कर अपने लिए सुरक्षा की मांग की और मामले की जांच के बाद ही केस दर्ज करने व गिरफ्तारी करने की मांग की। एसएसपी ने महिलाओं को आश्वासन दिया कि किसी भी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा और गलत नहीं होने दिया जाएगा। सुरक्षा के लिए गांव में पीएसी लगवा दी है।

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