कुख्यात रोहित को संरक्षण देने वाला भूपेंद्र बाफर
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कैसे मिलते हैं सुरक्षा के लिए गनर
सरकारी सुरक्षा मुहैया कराने के लिए जनपदीय कमेटी बनी हुई है। जिसमें डीएम, एसएसपी, सीओ एलआईयू होते हैं। सीओ एलआईयू जांच करके रिपोर्ट डीएम-एसएसपी को देते हैं। उसके बाद डीएम-एसएसपी संस्तुति करते हैं। तभी सुरक्षा मुहैया होती है।
जांच रिपोर्ट में गनर देने वाले का आपराधिक रिकॉर्ड व मुकदमे भी देखे जाते हैं। जिसको गनर देना है, उसके जीवन में कितना भय है। किस मुकदमे में वादी या फिर गवाह बना है। यह तमाम प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही गनर दिया जाता है। हिस्ट्रीशीटर बाफर को गनर देने से पहले पुलिस ने इन नियमों का पालन किया या नहीं, इसका खुलासा जांच पड़ताल के बाद ही होगा।