उन्होंने सुधा से सुनील व बच्चों के बारे में पूछा, तो वह इधर-उधर की बातें करने लगी। शक होने पर परिजन अंदर कमरे में घुसे तो उनके होश उड़ गए। कमरे में सुनील की लहूलुहान लाश पड़ी थी, जिसके सिर व गर्दन पर चाकू से वार किए गए थे। हत्या इतने निर्मम तरीके से की गई थी कि दीवारों पर भी खून के छींटे थे।