हिंदू संघर्ष समिति के पदाधिकारी ग्यारह हजार रूपये की धनराशि देते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
परिवार ने कस्बे से सामान भी समेटना शुरू कर दिया, जिसके चलते सोमवार को भाजपा नेता के साथ ही पुलिस-प्रशासन भी सक्रिय हुआ और परिवार के समक्ष पलायन न करने की अनुनय-विनय की। पीड़ित परिवार को हरसंभव सुरक्षा का भी आश्वासन दिया गया। इंस्पेक्टर संजीव कुमार भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। इस दौरान हत्यारोपियों की अब तक फरारी के साथ ही घटना के समय पुलिस की लेटलतीफी को लेकर अनुज की पत्नी ने उन्हें जमकर नसीहतें दीं। सुरक्षा का आश्वासन मिलने पर शाम के समय आखिरकार पीड़ित परिवार ने पलायन न करने का आश्वासन दिया, लेकिन शाम को अंजीता अपनी दोनों बेटियों को साथ लेकर मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल के लिए रवाना हो गईं, जहां वे अनुज के बड़े भाई जगमोहन कर्णवाल के आवासीय परिसर में रहेंगी। हालांकि परिवार का सारा सामान मोरना स्थित पुश्तैनी मकान में ही मौजूद है, जहां फिलहाल अनुज के दूसरे भाई हरिकांत कर्णवाल अपने परिवार के साथ ही रह रहे हैं।