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अपराधियों पर शिकंजा: रमेश प्रधान की 1.10 करोड़ की संपति जब्त, ऐसे बना शराब माफिया

Tue, 29 Sep 2020 07:10 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मौके पर जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
मेरठ में अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस की कवायद जारी है। कुख्यात योगेश भदौड़ा के बाद ब्रह्मपुरी पुलिस ने शराब माफिया रमेश प्रधान की 1.10 करोड़ की संपति जब्त कर ली है। पुलिस का दावा है कि रमेश ने अवैध शराब के कारोबार से करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है। आगे जानिए पूरा अपडेट-
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जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
ब्रह्मपुरी पुलिस ने सोमवार को शराब माफिया रमेश प्रधान पर गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 (1) के तहत कार्रवाई की है। पुलिस के साथ एसीएम प्रथम सुनीता सिंह, सीओ ब्रह्मपुरी अमित राय, एक प्लाटून पीएसी व पुलिस फोर्स रमेश के घर सूर्यापुरम पहुंचे। यहां पुलिस को रमेश की पत्नी आशा व उसके बच्चे मिले। पुलिस ने पत्नी और बच्चों को घर से निकाल कर मकान जब्त कर लिया। इसके बाद पुलिस आशा को लेकर दूसरे मकान मंगतपुरम गई। आशा ने घर से जरूरत का सामान निकाला और उसके बाद पुलिस ने उस मकान को भी जब्त कर लिया। रमेश की पांच गाड़ियां भी जब्त की गई हैं।
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एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह - फोटो : अमर उजाला
एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह का कहना है कि 17 जून को रमेश को दो साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसकी निशानदेही पर 500 लीटर अपमिश्रित शराब, दो किलो चरस और शराब बनाने के उपकरण बरामद हुए थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि रमेश गिरोह बनाकर अवैध शराब सप्लाई करता है। ब्रह्मपुरी इंस्पेक्टर सुभाष अत्री इसके बाद से ही अवैध संपति को जब्त करने की प्रक्रिया कर रहे थे। एक सप्ताह पहले डीएम द्वारा इसके लिए नोटिस जारी किया गया था। 

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ये वाहन जब्त - फोटो : अमर उजाला
महिलाओं की लगी भीड़ 
रमेश के घर पर दबिश के दौरान पुलिस और आबकारी विभाग की टीम पर कई बार जानलेवा हमले भी हुए। सोमवार शाम पुलिस फोर्स जैसे ही रमेश के घर पहुंची तो महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पुलिस ने महिलाओं को चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई में विरोध किया तो उनके खिलाफ भी मुकदमे दर्ज होंगे। आशा ने महिलाओं से कहा कि वे अपने घर जाएं और पुलिस को कार्रवाई करने दें। इसके बाद पुलिस ने रमेश के घर को सील किया। 
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कार्रवाई करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
झुग्गी में रहा था रमेश
एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि रमेश मूल रूप से बाराबंकी का रहने वाला है। करीब 16 साल पहले रमेश दिल्ली रोड पर मेवला पुल के पास झुग्गी बनाकर रहने लगा था। वह कूड़ा बीनता था।
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कार्रवाई करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
इन दिनों पुलिस के निशाने पर आए दोनों शराब माफिया पहले अवैध शराब बनाते थे। बाद में शराब की तस्करी करते-करते दोनों कुख्यात बन गए। खरखौदा क्षेत्र के घोसीपुर निवासी शहजाद उर्फ पाशा पर जहां 13 संगीन मामले दर्ज हैं, वहीं मंगतपुरा निवासी रमेश प्रधान पर 27 मामले दर्ज हैं। दोनों का अपराध करने का तरीका एक सा है। अवैध शराब को झोपड़ियों और गोदामों में स्टोर कर रखते हैं और जैसे ही पुलिस या आबकारी की टीम घेराबंदी करती है तो दोनों फायरिंग करने से नहीं चूकते हैं। 
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कार्रवाई करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
पाशा पिछले 10 साल से अवैध शराब का धंधा कर रहा है। एक पुलिस अधिकारी से उसकी नजदीकी को लेकर भी मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा था। 26 सितंबर, 2016 को घेराबंदी होने पर उसने सीओ समेत पूरी फोर्स पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी और फरार हो गया। तब पुलिस ने करीब 80 लाख रुपये की अवैध शराब बरामद करने का दावा किया था। 2017 में पाशा की संपत्ति को कुर्क कर दिया गया था।
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पुलिस ने की कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला
इस समय जेल में बंद रमेश पर पहला मुकदमा 2001 में ब्रह्मपुरी थाने में दर्ज हुआ था। 10 नवंबर, 2018 को मुकुट महल के पास रमेश और उसके गुर्गों ने ब्रह्मपुरी इंस्पेक्टर और आबकारी टीम पर फायरिंग कर दी थी। बाद में पुलिस ने दो दिन अभियान चलाकर भारी मात्रा में अवैध शराब पकड़ी और उसे जेल भेजा था। अब उसकी बाकी संपति की भी जांच की जा रही है।

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