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खौफनाक थे इनके इरादें, मोबाइल रिकॉर्डिंग में बम-आतंकवादी जैसे शब्द, अब रिमांड पर खोलेंगे बड़े राज

Sat, 18 May 2019 09:56 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
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पकड़े गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
रेलवे स्टेशनों को उड़ाने की धमकी भरे मेल भेजने वाले गुलजार से बरामद मोबाइल फोन में दर्ज कॉल रिकॉर्डिंग में सुनाई दे रही आवाजों में बम और आतंकवादी जैसे शब्द भी प्रयोग हुए हैं। अगली स्लाइडों में जानिए पूरा अपडेट:-
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दो आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
पुलिस के अनुसार आवाज थोड़ी अस्पष्ट हैं, लेकिन इस तरह की बातें सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर हैं। पूछताछ में आरोपियों का बार- बार बयान बदलना भी दोनों पर संदेह की बड़ी वजह है। इन मजबूत तथ्यों के आधार पर ही पुलिस ने आरोपी गुलजार को 10 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई है।
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ट्रेन में चेकिंग करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
शामली, मेरठ और गाजियाबाद सहित कई जिलों में रेलवे स्टेशनों को उड़ाने की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार मेरठ के कंकरखेड़ा के नंगलाताशी निवासी गुलजार ओर उसके भाई शहजाद से पुलिस ने तीन मोबाइल फोन बरामद किए थे। एसपी अजय कुमार के अनुसार रिकॉर्डिंग में आरोपी की फोन पर हो रही बातचीत में बम सैट करने और आतंकवादी जैसी बातें कहीं जा रही हैं। इन शब्दों का प्रयोग अपने आप में सुरक्षा के लिहाज से घातक है। जब इन दोनों से पूछताछ की गई तो इनके द्वारा बार- बार अपने बयान भी बदले गए।

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दोनों आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
वहीं दोनों भाइयों से अलग- अलग से पूछताछ हुई तो भी इनकी बातें मेल नहीं खाई। ऐसे में इन पर संदेह और बढ़ा है। इसी कारण पुलिस गुलजार को संदिग्ध आतंकी मानकर चल रही है। फोन पर सुनी गई गंभीर बातों और इनके बार- बार बयान बदलने को ही पुलिस इस केस का मजबूत आधार बनाएगी। इस संबंध में पूरे मजबूत कागजात कोर्ट में पेश किए गए है। पुलिस ने गुलजार को 10 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई है।
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दोनों आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
मोदीनगर और मेरठ में हैं गुलजार के गुरु
स्टेशनों को उड़ाने की धमकी भरी मेल करने के आरोपी गुलजार के गुरु गाजियाबाद के मोदीनगर और मेरठ के लिसाड़ी गेट में बैठे हैं। पुलिस टीम ने आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर ये जानकारी जुटाई हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें भेज दी गई हैं। पुलिस ने आरोपियों से बरामद मोबाइल में दर्ज कॉल्स को खंगाला। अधिक बातचीत वाले नंबरों को चेक किया गया। पता किया गया कि ये नंबर किसके हैं। कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने दो लोगों को ट्रेस किया है।
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घटना का खुलासा करते एसएसपी अजय कुमार - फोटो : अमर उजाला
इनमें एक गाजियाबाद के मोदीनगर और दूसरा मेरठ के लिसाड़ी गेट क्षेत्र का है। पुलिस को पूरा यकीन है कि ये दोनों ही आरोपियों के गुरु हैं। इनसे ही आरोपी की अधिकतर बातें होती थीं। इन दोनों की तलाश में दो पुलिस टीमें मेरठ और मोदीनगर भेजी गई हैं। स्वाट टीम को भी लगाया गया है। इनकी धरपकड़ को मेरठ और गाजियाबाद जिलों की पुलिस की भी मदद ली जा रही है।
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आरोपियों के पास से बरामद किया गया सामान - फोटो : अमर उजाला
पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस इन दोनों की धरपकड़ के बाद ये भी स्पष्ट करेगी कि आरोपी के मोबाइल की रिकॉर्डिंग में दर्ज बातचीत इनके गुरु की है या नहीं। इनसे पूछताछ के बाद इनके नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी पता किया जाएगा। पुलिस को आशंका है कि इनके नेटवर्क में कई और भी शामिल हो सकते हैं।

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स्टेशनों पर चेकिंग करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
सीडी में दर्ज होगा बातचीत का ब्योरा
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी के मोबाइल की कॉल रिकॉर्डिंग में सुनी जा रही तमाम संदिग्ध बातों को पुलिस केस डायरी में दर्ज करेगी। सुनाई दे रही आवाज में जिस तरह बातचीत हो रही है उसे बोलचाल की भाषा में लिखा जाएगा  ताकि केस डायरी के आधार पर केस मजबूत बन सके।

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आरोपियों के पास से बरामद किया गया सामान - फोटो : अमर उजाला
कर्जा देने वालों का भी पता लगा रही पुलिस
आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि उन पर 20-25 लाख कर्ज है, उसे देने से बचने की वजह से ही जेल जाने को उन्होंने ये ड्रामा किया था। लेकिन पुलिस को इनकी माली हालत देखकर नहीं लगता कि ये सच बोल रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों से कर्ज देने वालों के बारे में पूछा तो भी ये कुछ स्पष्ट नहीं बता सके। इस कारण इन पर संदेह ओर बढ़ गया फिलहाल पुलिस इनके कर्ज देने वाले बयान की हकीकत पता भी करने का प्रयास कर रही है।
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यूपी पुलिस
आरोपियों के मोबाइल में मिली रिकार्डिंग में बम और आतंकवादी जैसी बातचीत दर्ज है। बार बार बयान भी बदल रहे हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर ये केस बेहद गंभीर है। काल डिटेल के आधार पर मोदीनगर और मेरठ के लिसाड़ी गेट क्षेत्र के दो व्यक्ति प्रकाश में आए हैं। उनकी धरपकड़ को टीमें भेजी गई हैं। उम्मीद है पुलिस जल्द उन्हें पकड़ लेगी। - अजय कुमार एसपी

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