सीओ एसटीएफ बृजेश सिंह जानकारी देते हुए
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अरविंद राणा ने अपने गैंग में यूपी के अलावा, बिहार, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के भी सॉल्वर शामिल किए। यह गैंग करीब पिछले पांच सालों में ही दो हजार से अधिक अभ्यर्थियों से पैसा वसूल चुका है। कई भर्तियों में सात-सात लाख रुपये भी वसूले। सीओ का कहना है इस गैंग के अन्य सॉल्वर फरार हैं जो अरविंद से 10 साल से जुड़े हैं। करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अवैध तरीके से अर्जित की जा चुकी है। कई राज्यों की पुलिस के लिए अरविंद मुसीबत बन हुआ था। 2013 में वह कोर्ट में सरेंडर कर जेल गया था। उसके बाद उसकी गिरफ्तारी चुनौती बनी हुई थी। सीओ का कहना है पांच साल में 50 से अधिक मोबाइल नंबर अरविंद बदल चुका है। अधिकांश कॉल व्हाट्सएप पर करता था। गिरोह में करीब 200 से ज्यादा सॉल्वर अलग-अलग राज्यों में जुड़े हैं।