इकलौता बेटा था संजीव
पुलिस का दावा है कि संजीव अपने माता पिता का इकलौता बेटा है। उसकी दो बहन है। संजीव जब छह महीने का था, तभी उसके पिता की मौत हो गई थी। संजीव पल्लवपुरम में एक रिश्तेदार के यहां पर रहकर पढ़ाई कर रहा था। तभी उसकी दोस्ती दूसरी बिरादरी की युवती से हुई थी। पांच साल से दोनों में प्रेम प्रसंग चल रहा था। जिसका पता युवती के परिजनों को लग गया था। युवती से फोन कराकर उसके परिजनों ने संजीव को अपने घर पर बुलाया और उसकी हत्या कर दी।