फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊ लविश मर्डर केस: मिंडकाली हत्याकांड के पीछे थी बड़ी वजह, 75 हजार के इनामी बदमाश ने उगला पूरा सच

Wed, 10 Jun 2020 04:01 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
1 of 7
बदमाश गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
मुजफ्फरनगर में बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के गांव मिंडकाली में 23 मई को हुआ शूटआउट 17 मई को लखनऊ में हुई लविश की हत्या के बदले का नतीजा था। लविश के फुफेरे भाई प्रशांत ने खास गुर्गे से सौरभ व अनिल को फैसले के लिए बुलाया था और सौरभ को गोलियां मारीं थीं, जबकि अनिल की तरफ से फायरिंग में प्रशांत मारा गया था।
विज्ञापन

2 of 7
इनामी बदमाश गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
बुढ़ाना कोतवाली पुलिस द्वारा दबोचे गए 75 हजारी अनिल उर्फ धनपत ने पूछताछ में पुलिस को यह बातें बताई हैं। सीओ बुढ़ाना गिरिजा शंकर त्रिपाठी ने बताया कि गांव रठौडा निवासी लविश बागपत में कातिलाना हमले के एक मामले के बाद से लखनऊ में प्रदीप चौधरी के फॉर्म हाउस पर शरण लेकर छिपा था, जबकि सौरभ उर्फ गोटी निवासी गांव इटावा अपने गांव में हुई हत्या के बाद से वहां छिपा था। फॉर्म हाउस में ही दोनों अनिल उर्फ धनपत निवासी ककड़ीपुर (बागपत) के साथ फ्लैट में रहते थे।
विज्ञापन

3 of 7
मुजफ्फरनगर मर्डर केस - फोटो : अमर उजाला
सीओ ने बताया कि 17 मई को लखनऊ में खाना खाने के बाद हुए मामूली विवाद में सौरभ उर्फ गोटी ने लविश की गर्दन पर चाकू मार दिया था, जिसके बाद अनिल ने फावड़े से उसकी गर्दन काटकर अलग कर दी थी। लविश की हत्या के बाद सौरभ व अनिल वहां से ट्रक व टेंपो आदि में लिफ्ट लेकर लखनऊ से भागकर पहले गाजियाबाद और फिर मोदीनगर पहुंचे। वहां से उन्होंने गांव मिंडकाली आकर शेखर नामक ग्रामीण के यहां शरण ली।

4 of 7
मुजफ्फरनगर पुलिस - फोटो : अमर उजाला
उधर, लविश की हत्या से गुस्साए उसके फुफेरे भाई प्रशांत निवासी वाजिदपुर (बागपत) ने अनिल व सौरभ को सोनीपत निवासी अपने एक खास गुर्गे के माध्यम से लविश की हत्या में फैसला करने की बात कही। 23 मई को मिंडकाली के जंगल में उनकी मुलाकात तय हुई। मुलाकात के दौरान जब अनिल खाना खाने चला गया तभी प्रशांत ने सौरभ उर्फ गोटी को पांच गोलियां मारीं, तभी अनिल धनपत वहां पहुंचा तो उसने प्रशांत पर गोली चला दी, जो प्रशांत के माथे पर लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद वह फरार हो गया। अगले दिन गंभीर रूप से घायल सौरभ उर्फ गोटी की भी मेरठ के एक अस्पताल में मौत हो गई।
विज्ञापन

5 of 7
मुजफ्फरनगर पुलिस - फोटो : अमर उजाला
बरामद की गईं दो पिस्टल व कारतूस 
सीओ के अनुसार अनिल उर्फ धनपत से दो असलहा बरामद किए हैं। इनमें प्रशांत हत्याकांड में इस्तेमाल की गई .32 बोर की पिस्टल व चार कारतूस मिंडकाली के जंगल से बरामद किए गए। वहीं, मिंडकाली में बुढ़ाना कोतवाली के दरोगा सुरेंद्र सिंह से छीनी गई सरकारी पिस्टल व दो खोखे भी बरामद किए हैं।
विज्ञापन

6 of 7
मुजफ्फरनगर पुलिस - फोटो : अमर उजाला
सुनील राठी गैंग का चालक है अनिल उर्फ धनपत 
सीओ बुढ़ाना गिरिजाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि अनिल उर्फ धनपत आपराधिक प्रवृत्ति का है। कुछ समय से वह कुख्यात सुनील राठी गैंग से जुड़ा हुआ है और वह गैंग की गाड़ी चलाता था। कुछ समय से वह लखनऊ में प्रदीप चौधरी के फॉर्म हाउस पर ही सौरभ उर्फ गोटी और लविश के साथ रह रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
मुजफ्फरनगर पुलिस - फोटो : अमर उजाला
अनिल पर दर्ज हैं विभिन्न जनपदों में 15 मुकदमे 
अनिल उर्फ धनपत पर विभिन्न जिलों के थानों में 15 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें सर्वाधिक 11 मुकदमे जनपद बागपत के रमाला, बड़ौत व बिनौली थानों में दर्ज हैं। इसके अलावा, लखनऊ के मोहनलाल गंज थाने में लविश की हत्या और बुढ़ाना कोतवाली में हत्या समेत तीन मुकदमे अनिल के खिलाफ दर्ज हैं।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें