मुजफ्फरनगर पुलिस
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उधर, लविश की हत्या से गुस्साए उसके फुफेरे भाई प्रशांत निवासी वाजिदपुर (बागपत) ने अनिल व सौरभ को सोनीपत निवासी अपने एक खास गुर्गे के माध्यम से लविश की हत्या में फैसला करने की बात कही। 23 मई को मिंडकाली के जंगल में उनकी मुलाकात तय हुई। मुलाकात के दौरान जब अनिल खाना खाने चला गया तभी प्रशांत ने सौरभ उर्फ गोटी को पांच गोलियां मारीं, तभी अनिल धनपत वहां पहुंचा तो उसने प्रशांत पर गोली चला दी, जो प्रशांत के माथे पर लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद वह फरार हो गया। अगले दिन गंभीर रूप से घायल सौरभ उर्फ गोटी की भी मेरठ के एक अस्पताल में मौत हो गई।