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कोरोना से नहीं निजात: यूपी के इस शहर में कारपेंटर, बिजनेसमैन से लेकर छात्र तक संक्रमित, भयावह है मौजूदा स्थिति

Sat, 20 Jun 2020 10:35 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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coronavirus meerut - फोटो : अमर उजाला
मेरठ में कोरोना संक्रमण फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। लाॅकडाउन खत्म होने के बाद से जिले में संक्रमितों को आंकड़ा लगातार बढ़ने पर ही है। यही नहीं एक तरफ पाॅजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ रही है तो वहीं दूसरी और संक्रमित मरीजों की मौत का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ा है।

ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के लिए कोरोना की चेन तलाश अब तक चुनौती बना हुआ है। वहीं आम जनता में फिर से दहशत पनप रही है। आगे तस्वीरों के साथ जानें आखिर मेरठ शहर में कोराना संक्रमण की क्या है मौजूदा स्थिति : -
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coronavirus meerut - फोटो : अमर उजाला
मेरठ में कोरोना मरीजों का आंकड़ा आठसौ के पार पहुंचने जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग चेन के साथ साथ पूल सैंपलिंग के जरिए भी मरीजों को ढ़ूंढने की कोशिश में जुटा है लेकिन नई चेन बनने से नहीं रोकी जा रही है। शहर में आज जहां आठ संक्रमितों की मौत हो गई है। वहीं 23 नए पाॅजिटिव मरीज मिले हैं।
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coronavirus meerut - फोटो : अमर उजाला
आज आई रिपोर्ट की मानें तो यहां कारपेंटर से लेकर सर्राफ तक और बिजनेसमैन से लेकर छात्र तक संक्रमित पाए जा रहे हैं। कई परिवारों में तो महिलाएं भी कोरोना की जद में आ चुकी हैं। मेरठ के दौराला में शुगर मिल का कर्मचारी भी पाॅजिटिव निकला है। ऐसी स्थिति में कोरोना की ये चेन कहां तक पहुंच रही है और कब तक इसके खौफ में लोगों को रहना होगा ये कोई नहीं जानता। बेहतर यही है कि खुद जितना हो सके सावधानी बरती जाए और अपना बचाव किया जाए।

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coronavirus meerut - फोटो : अमर उजाला
मेरठ मेडिकल में कोरोना मरीजों के इलाज, देखरेख के मामले लापरवाही बरतने के कई मामले सामने आए, जिस पर राज्य सरकार की फटकार लगने के बाद भी स्थिति नहीं सुधरी। हाल ही में संक्रमित मरीजों की मौत के बाद उनके शवों के साथ बेकदरी का मामला भी सामने आया है। प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के निर्देशों के बाद भी यहां अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। 
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coronavirus meerut - फोटो : अमर उजाला
इन शवों को अंतिम संस्कार के लिए सूरजकुंड श्मशान घाट तक ले जाने के लिए परिजनों को दो घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ा। मेडिकल कॉलेज में कोरोना पॉजिटिव को उचित इलाज तो दूर मौत के बाद उनके शव को सम्मान के साथ रखा तक नहीं जा रहा है। ऐसे में परिजन जिला प्रशासनए सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करने के बाद भी असहाय महसूस कर रहे हैं।
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सूरजकुंड शवदाह गृह में अंतिम संस्कार से पूर्व शव का दिखाई देता हाथ। - फोटो : अमर उजाला
शवदाह गृह ले जाने के लिए कोरोना पॉजिटिव के शव को ट्रिपल लेयर बैग में रखने की व्यवस्था है। इसके बाद भी दोनों शवों को सामान्य कपड़े में लपेटकर परिजनों के हवाले कर दिया गया।

पॉजिटिव के शव को अच्छी से पैक करके ही अंतिम संस्कार के लिए दिया जाता है। अंतिम संस्कार करने वालों को भी पीपीई किट पहननी होती है। किसी मामले में लापरवाही हुई है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. राजकुमार, सीएमओ 
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