लॉकडाउन मेरठ
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तीन माह का बच्चा गोद में और चल पड़ी मां
दोपहर दो बजे। दिल्ली रोड, संजय वन। तेज धूप में एक परिवार सिर पर थैले रखकर पैदल चला जा रहा था। तीन माह के बच्चे को सीने से चिपकाए और पसीने में तरबतर महिला की पीड़ा उसकी हालत बयां करने को काफी थी। बात हुई तो परिवार के मुखिया शहंशाह की आंखें नम हो गईं। बताने लगे कि शहाजहांपुर से पत्नी सितारा, पांच साल की बेटी अमरीन, बहन हिना, बहनोई और उसके छह माह के बच्चे के साथ मेरठ में कमाने आए थे। तीन माह पहले एक बेटा भी हो गया। रिठानी के पास एक फैक्ट्ररी में काम कर रहे थे। लॉकडाउन के बाद फैक्ट्ररी बंद हुई तो खाने के लाले पड़े गए। सब लोग गांव जा रहे हैं, वहां किसी तरह गुजर बसर हो जाएगी। कोरोना के बारे में पूछने पर कहा कि बीमारी का तो पता नहीं, लेकिन यहां रहे तो भूख से जरूर मर जाएंगे। आगे बढ़ते हुए बोले कि कोई वाहन मिला तो ठीक नहीं तो पैदल ही तय कर लेंगे 350 किमी का सफर।